री-नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और फर्जी अभ्यर्थियों के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मंगलवार को नालंदा जिले के पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (बीएमआईएमएस) में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अहम दस्तावेज जुटाए और संदिग्ध एमबीबीएस छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड तथा बायोमेट्रिक डेटा का सत्यापन किया।
कॉलेज प्रशासन से पूछताछ
दो डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची ईओयू टीम ने कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी के साथ लंबी बैठक की। जांच के दौरान परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई और उन कर्मचारियों से भी पूछताछ हुई, जो परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जांच एजेंसियों का फोकस वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्र रविशंकर उर्फ सम्राट पर है, जिसे इस कथित नेटवर्क का अहम सदस्य माना जा रहा है। फिलहाल वह फरार है।
पत्नी की जगह भी सॉल्वर बैठाने की थी योजना
जांच में एक नया खुलासा भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी रविशंकर उर्फ सम्राट कथित तौर पर अपनी पत्नी की जगह री-नीट परीक्षा में दिल्ली की एक महिला एमबीबीएस छात्रा को बैठाने की योजना बना रहा था। हालांकि, समय रहते सतर्कता बरतने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। इस दावे की जांच अभी जारी है।
24 से अधिक गिरफ्तार
मामले का खुलासा 21 जून को लखीसराय के हसनपुर परीक्षा केंद्र पर हुआ था, जब एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया। जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन में अनियमितता के आरोप भी सामने आए। अब तक इस मामले में 24 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
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अनुपस्थित छात्रों पर भी कार्रवाई की तैयारी
कॉलेज प्रशासन ने घटना के बाद सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य की थी। दो बार हुई हाजिरी के दौरान रविशंकर उर्फ सम्राट, रंजीत कुमार सहित तीन छात्र अनुपस्थित पाए गए। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों को भी सूचना दी जा रही है।
राज्यव्यापी छापेमारी जारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राज्यभर में छापेमारी की जा रही है। ईओयू का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।