पटना में वामदलों के छात्र संगठन- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बुधवार को बड़ा हंगामा किया। दिल्ली की तर्ज पर पटना में भीड़ जुटाकर हंगामा किया। प्रदर्शन के नाम पर जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया। कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। भीड़ इस हद तक उग्र थी कि आंसू गैस, वाटर कैनन जैसे इंतजामात बेकार गए। भीड़ तितरबितर होती और एकजुट हो जाती। गांधी मैदान के पास जय प्रकाश नारायण गोलंबर से हंगामा शुरू हुआ और डाकबंगला चौराहा होते हुए बेली रोड होते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गया। यहां तक हंगामा होता रहा। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के आवास से सीएम सम्राट चौधरी आवास जाने के दरम्यान लाठीचार्ज तक हुआ। पटना पुलिस से मामला नहीं संभला तो केंद्रीय बलों को सड़क पर उतारा गया।
क्या बोली भाजपा?
भाजपा नेताओं का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उनका दावा है कि दूसरी ओर के लोग पहले से लाठी-डंडे और पत्थरों के साथ तैयार थे। भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित बताते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली के साथ साथ अब पटना का माहौल भी खराब करना चाह रहे हैं। इनलोगों ने साजिश के तहत ऐसा किया है। बता दें कि भाजपा वाले आज पटना में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध आज पैदल मार्च करने उतरे थे।
कांग्रेस ने क्या कहा?
बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमलोग आज छात्र विरोधी और निकम्मी सरकार को नींद से जगाने आए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। मोदी सरकार की विफलताओं और छात्र आंदोलन पर उदासीनता के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सत्ता का अहंकार और दमन जनता की आवाज़ को दबा नहीं सकता, क्योंकि भारत का युवा बदलाव के लिए तैयार है। वह अन्याय के सामने झुकने वाला नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ा है।