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Bihar: भाजपा विधायक की सदस्यता जाएगी? कल दिल्ली की अदालत बिहार के पूर्व मंत्री की किस्मत का फैसला देगी

Wed, 22 Jul 2026 08:36 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार में जारी सियासी घमासान के बाद भाजपा के एक विधायक की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर दिल्ली पुलिस से ही जवाब मांग लिया है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला...
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भाजपा विधायक राजू सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक राजू कुमार सिंह की उस याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने जश्न में फायरिंग के दौरान महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत के मामले में अपनी सजा पर रोक और दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की है। राजू कुमार सिंह ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को भी चुनौती दी है, जिसमें उन्हें गैर इरादतन हत्या (आईपीसी की धारा 304 भाग-2) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें दो दिन के भीतर 25 लाख रुपये का मुआवजा अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया। यह राशि मृतका डॉ. अर्चना गुप्ता के पति विकास गुप्ता को दिए जाने वाले मुआवजे से संबंधित है।
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बचाव पक्ष ने क्या दलील दी
राजू कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि नए साल की पार्टी में हवाई फायरिंग की गई थी और किसी की हत्या करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि गोली किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं चलाई गई थी। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि बरामद धातु का टुकड़ा (लीड) राजू कुमार सिंह के लाइसेंसी हथियार से चली गोली से मेल नहीं खाता। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि यह एक दुर्घटना थी, राजू कुमार सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह छह बार विधायक रह चुके हैं। साथ ही कहा गया कि यदि दो साल से अधिक की सजा बरकरार रहती है तो उनकी विधायकी भी समाप्त हो जाएगी।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी चार साल की सजा
दिल्ली की विशेष अदालत ने चार जुलाई को राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या के मामले में चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत दो महीने की सजा भी दी गई थी। अदालत ने 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया था। मुआवजा नहीं देने की स्थिति में तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया था।
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अभियोजन ने किया विरोध
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अभियोजन पक्ष ने सजा में राहत का विरोध करते हुए कहा कि यह घटना मृतका की 12 वर्षीय बेटी और पति के सामने हुई थी। बच्ची ने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में देखा, जिसका मानसिक आघात बेहद गंभीर है। अभियोजन ने कहा कि जश्न में फायरिंग समाज के लिए गंभीर समस्या है और कानून बनाने वाला व्यक्ति ही कानून तोड़ने वाला बन गया। अभियोजन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, खून के निशान मिटाने और सबूत छिपाने की कोशिश की गई। साथ ही कहा कि आरोपी या उसके परिवार ने मृतका के परिजनों से मिलने की भी कोशिश नहीं की, जो उनके अमानवीय रवैये को दर्शाता है।

जानिए क्या है मामला
31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान कथित तौर पर की गई हवाई फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में गोली लग गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी। इसी मामले में ट्रायल कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ अब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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