फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: 10 साल में जवाब दे गया करोड़ों का पुल! जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग, बारिश से बढ़ी मुश्किल

Wed, 22 Jul 2026 06:00 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

Bihar News: नालंदा के बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी का पुल जर्जर होने से दो माह से बंद है। वैकल्पिक डायवर्जन भी अधूरा और कीचड़ से भर गया है। मजबूरी में लोग क्षतिग्रस्त पुल से ही गुजर रहे हैं, जबकि ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन और लापरवाही को पुल की बदहाली का कारण बताया है।
विज्ञापन
जर्जर पुल से गुजर रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निर्माण में कथित लापरवाही का खामियाजा नालंदा और शेखपुरा जिले की बड़ी आबादी भुगत रही है। बिहारशरीफ-कतरीसराय मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी पर बना पुल जर्जर हो चुका है। पिलर धंसने के बाद प्रशासन ने करीब दो माह पहले पुल के दोनों छोर पर ईंट की दीवार खड़ी कर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। हालांकि, वैकल्पिक मार्ग के रूप में बनाया जा रहा डायवर्जन अब तक अधूरा है। बारिश के बाद कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है, जिससे हर दिन सैकड़ों दोपहिया वाहन चालक जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


बारिश बढ़ी तो डायवर्जन बहने का डर
नदी के तल में ह्यूम पाइप डालकर रास्ता तो बनाया गया है, लेकिन मुख्य सड़क से जोड़ने वाले दोनों एप्रोच पथ अब भी कच्चे हैं। लगातार बारिश के कारण इन रास्तों पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे बाइक और साइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सकरी नदी का जलस्तर बढ़ा, तो यह कच्चा डायवर्जन बह सकता है और आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाएगी।

15 किलोमीटर की दूरी बढ़कर 35-40 किलोमीटर हुई
पुल बंद होने से मानपुर, पलनी, रहिंचा, कबीरपुर, मैरा और बरीठ समेत कई गांवों का बिहारशरीफ से सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जिला मुख्यालय की दूरी 12 से 15 किलोमीटर थी, लेकिन अब गिरियक-पावापुरी होकर 35 से 40 किलोमीटर या अस्थावां होकर 22 से 25 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय, ईंधन और खर्च तीनों बढ़ गए हैं।
विज्ञापन


मजबूरी में जर्जर पुल से गुजर रहे लोग
डायवर्जन की खराब स्थिति के कारण लोगों ने प्रशासन द्वारा बनाई गई ईंट की दीवार का एक हिस्सा तोड़ दिया है। इसके बाद कई बाइक सवार और अन्य लोग क्षतिग्रस्त पुल से ही आवाजाही कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी की डिटेंशन पर पटना में कांग्रेस का हंगामा! लोकभवन के बाहर धरना; सरकार के खिलाफ लगाए गए नारे
विज्ञापन


10 साल में जर्जर हुआ पुल, अवैध बालू खनन पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सकरी नदी पर बना यह पुल महज 10 साल में ही जर्जर हो गया। उनका कहना है कि पुल के पिलरों के आसपास कथित अवैध बालू खनन से नींव कमजोर हुई। इसके बाद दो साल पहले आई बाढ़ से स्थिति और बिगड़ गई। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण पिलर धंस गए और पुल उपयोग के लायक नहीं बचा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें