बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। पूरा बिहार शीतलहर और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 4 जनवरी तक बिहार को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पछुआ हवाओं ने कनकनी इतनी बढ़ा दी है कि लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। राजधानी पटना की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां पिछले 9 दिनों से धूप के दर्शन नहीं हुए हैं। पटना में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर घटकर महज 2.1 डिग्री रह गया है, जिसके चलते दिन में भी रात जैसी सिहरन महसूस हो रही है। सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं दिख रहे हैं। 8 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द पछुआ हवाएं कंपकंपी और बढ़ाएंगी। उत्तर बिहार के जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार में सबसे कम तापमान फारबिसगंज में 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे अधिक तापमान रोहतास जिले के विक्रमगंज (17.7 डिग्री सेल्सियस) का रहा। भारी कोहरा होने के कारण पूर्णिया जिले में दृश्यता मात्र 600 मीटर दर्ज किया गया। सबसे अधिक मौसम की मार नालंदा जिले में रही, जहां शीत दिवस घोषित किया गया है।
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यातायात की रफ्तार पर भी कोहरे का पहरा
कोहरे का सबसे बुरा असर आवागमन पर पड़ रहा है। पटना एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है। कम विजिबिलिटी के कारण पटना एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 14 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 17 विमानों ने देरी से उड़ान भरी। घना कोहरा के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर भी 'ब्रेक' लग गया है। तेजस राजधानी 17 घंटे, संपूर्ण क्रांति 16 घंटे और अमृत भारत एक्सप्रेस 11 घंटे की देरी से पटना पहुंचीं।