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NDA Tension : मंत्री अशोक चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार को लेकर जारी की चिट्ठी; विजय सिन्हा से विवाद की जड़ यहां?

Mon, 21 Jul 2025 06:09 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : तो क्या बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को लेकर संशय पर आ गई थी? मंत्री अशोक चौधरी का उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से विवाद आखिर क्या हुआ कि नीतीश के योगदान को याद दिलाने लगे। देखिए, क्या लिखा मंत्री अशोक चौधरी ने।
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सीएम नीतीश कुमार के साथ मंत्री अशोक चौधरी। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की बैठक में हुए हंगामे के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। लेकिन, एनडीए के केवल एक वरीय मंत्री के सिवा किसी भी नेता ने प्रतिक्रिया नहीं दी। वरीय मंत्री ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की और सीएम नीतीश कुमार की खूब तारीफ की। इतना ही नहीं उन्हें विकास का महानायक भी बता दिया। इसके बाद सियासी गलियारे में इस तारीफ की खूब चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं वरीय मंत्री ने क्या कहा...

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एनडीए के बैठक में हुए विवाद के बाद जदयू कोटे से मंत्री और सीएम नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी जनता से अपील करते हुए कहा कि वह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, सजग नागरिक बनें और बिहार को आगे बढ़ाने के इस ऐतिहासिक अभियान में सहभागी बनें, क्योंकि नीतीश कुमार जी ही हैं। बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास के महानायक,  जिनके नेतृत्व में न्याय के साथ विकास का सपना साकार हुआ है। 

नीतीश कुमार की सोच ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को सामाजिक जागृति और आर्थिक विकास की दिशा में एक सशक्त आंदोलन के रूप में परिवर्तित किया है। उन्होंने वर्ष 2005 से पहले के उस बिहार की याद दिलाई जहां विकास दर 2.3% थी, राज्य का वार्षिक बजट मात्र ₹23,000 करोड़ था और लगभग आधी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत कर रही थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अथक प्रयासों से विकास दर 10% से ऊपर पहुंच चुकी है, बजट ₹3.17 लाख करोड़ से अधिक हो गया है और गांव-गांव तक सड़कें, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में राज्य में मात्र 8,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें थीं, जो आज 1.17 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुकी हैं। जहाँ पहले केवल 22% आबादी को बिजली मिलती थी, वहीं आज बिहार पूर्ण विद्युतीकरण वाला राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री की सोच ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। आज हर टोले में सड़क है, हर गांव में रोशनी है और हर बच्चे के हाथ में किताब है।
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सबसे कमजोर वर्गों को भी सशक्त बनाने का कार्य किया है
मंत्री ने कहा कि  कृषि, उद्यमिता, और कल्याणकारी योजनाओं में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ से बिहार को पाँच बार सम्मानित किया गया है, डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हुई है और मत्स्य पालन व अंडा उत्पादन में राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। उद्योगों की संख्या में 300% की वृद्धि, अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़े वर्गों के कल्याण हेतु अभूतपूर्व बजटीय प्रावधान, तथा महिलाओं को 50% आरक्षण के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को भी सशक्त बनाने का कार्य किया है। डॉ. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेतृत्व सिर्फ एक सरकार नहीं, बल्कि एक जागरूक, जवाबदेह और जनसंवेदनशील आंदोलन है। उन्होंने AIIMS, IIT, NIT जैसी संस्थाओं की स्थापना कर उच्च शिक्षा को मजबूती दी, जीविका जैसी योजनाओं से लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया और जल-जीवन-हरियाली जैसे अभियानों से पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में वैश्विक पहचान दिलाई। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस पहल की सराहना बिहार की उपलब्धियों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अपराध के विरुद्ध ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति, 12 लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ, स्टार्टअप्स में 300% वृद्धि और अगले चरण में एक करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने की प्रतिबद्धता, ये सभी मुख्यमंत्री जी के सुशासन के स्तंभ हैं।

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