उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में में खनिज संसाधनों का दोहन पूरी तरह वैध, पारदर्शी और जनहित में किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राजस्व लक्ष्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। यह बात उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कही। वे मंगलवार को विभागीय कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभाग के सचिव देवेश सेहरा, निदेशक मनेश कुमार मीणा, अपर सचिव भारत भूषण प्रसाद सहित सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को राजस्व समाहरण लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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पिछड़े जिलों की होगी अलग समीक्षा
राजस्व संग्रह की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य से पीछे चल रहे पटना, रोहतास, औरंगाबाद और गया जैसे जिलों की अलग से समीक्षा की जाएगी। इसके लिए निदेशक मनेश कुमार मीणा को निर्देशित किया गया है। सभी जिलों को तीन दिनों के भीतर राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंट भट्टों से खनन समेकित शुल्क वसूली के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरभंगा के खान निरीक्षक निलंबित
कार्य में लापरवाही और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए दरभंगा जिले के खान निरीक्षक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं खनिज विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य में लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खान एवं भू-तत्व विभाग के लिए राज्यभर में 400 पुलिस बल की तैनाती के लिए गृह विभाग से अनुरोध किया जाएगा। साथ ही सहयोग नहीं करने वाले थानों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बालू घाटों पर सीसीटीवी, 15 दिन में निष्पादन
उप मुख्यमंत्री ने बालू घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अनियमित बालू घाटों की शीघ्र नीलामी के निर्देश दिए। जब्त बालू का 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है। ईंट भट्टों और बालू घाटों में कार्यरत कर्मियों को पहचान पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया। भंडारण अनुज्ञप्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 29 दिसंबर और 16 जनवरी को विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।