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Bihar: जब तेज प्रताप की पार्टी में तेजस्वी को हराने वाला गीत गाने लगी गायिका! लालू के लाल ने क्या कहकर रोका?

Wed, 14 Jan 2026 04:07 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Tej Pratap Yadav: चूड़ा दही पार्टी में अचानक तेज प्रताप यादव ने गायिका को एक वायरल भोजपुरी गीत गाने से मना करते हुए भजन गाने का आदेश दे डाला। यह गीत उन कुछ गीतों में शामिल था जो  बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान खूब सुर्खियों में रहा था। राजद की हार का ठीकरा इन्ही गानों पर फूटा था।
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तेज प्रताप यादव के कार्यक्रम में गीत गाते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मकर संक्रांति को लेकर तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास पर चूड़ा दही पार्टी का आयोजन किया है। पार्टी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष ने सभी नेता पहुंचे। इस बीच कुछ ऐसा हुआ, जिसका संज्ञान खुद तेज प्रताप को लेना पड़ा। दरअसल, भोज स्थल के पास ही सबसे पीछे गाना बजाना का भी इंतजाम किया गया है। गायिका गाना गा रही थी। इसी बीच दर्शकों ने एक वायरल भोजपुरी गाना की डिमांड कर दी। गायिका ने जैसे गीत के बोल को गुनगुनाई वैसे ही दर्शक झूम उठे। 

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तेज प्रताप भगवान का भजन गाने का दिया आदेश

गायिका ने कहा कि यह भोजपुरी गीत खूब वायरल हुई थी। आज मैं सुनाती हूं। गायिका ने फिर गीत के बोल गुनगुनाए। इस बीच तेज प्रताप के कुछ समर्थक वहां पहुंचे और उन्हें इस गीत को गाने से मना किया। लेकिन, गायिका रुक गईं। उन्होंने कहा कि गीत में आपत्तिजनक बोल का प्रयोग नहीं करुंगी। इसके बाद "न गले वाला दाल हई रे.." से शुरू करते हुए वायरल भोजपुरी गीत गाने लगी। इतने में फौरन तेज प्रताप यादव वहां पहुंचे और गायिका को रोक दिया। तेज प्रताप ने कहा रुकिए वल्गर (अश्लील) गाना मत गाइए। केवल भक्ति गाना ही गाइए। यादव जी वाला नहीं कृष्ण भगवान का भजन गाइए। आज पर्व त्यौहार का दिन है। 

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गाना किसी जाति विशेष पर आधारित थी

बात तो इतनी ही थी लेकिन इसकी चर्चा अब खूब हो रही है। कुछ लोगों ने कहा कि वायरल गाना के कारण राजद की हार हुई है। गाना के कुछ बोल अश्लील हैं इसीलिए अमर उजाला इसे नहीं लिख सकता है। गाना किसी जाति विशेष पर लिखी गई है। बिहार विधानसभा चुनाव ने यह गाना खूब चर्चा में रहा था। 

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