पंचायत सचिव और राजद विधायक भाई वीरेंद्र।
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पटना के मनेर विधानसभा सीट से राजद विधायक भाई वीरेंद्र चर्चा में
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, पिछले हफ्ते मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र, मानसून सत्र बीता था। विधानमंडल परिसर में एक नेता की गाड़ी की ओर देखकर पटना के मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सीधे तौर पर अपशब्द कहे। ऐसे अपशब्द, जिन्हें लिखा नहीं जा सका। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के एक नेता पर बाद में आरोप भी लगाया कि वह उन्हें कुचलने के लिए आ रहा था। हालांकि तब मीडियाकर्मियों से घिरे भाई वीरेंद्र को कुचलने का मतलब कई पत्रकार पहले कुचले जाते। खैर, उसके बाद भाई वीरेंद्र का अब एक ऑडियो वायरल है। इसमें वह एक
मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी के लिए अपने क्षेत्र के एक पंचायत सचिव को धमका रहे हैं कि वह उन्हें पदनाम बगैर, नाम से क्यों नहीं पहचान रहा है? भाई वीरेंद्र के खिलाफ पंचायत सचिव ने एससी-एसटी की धाराओं में केस कर दिया है, हालांकि इस वायरल ऑडिया में वह जातिसूचक शब्द कहते नहीं सुने जा रहे हैं। अलग से ऐसा कोई वाकया रहा हो तो वह मीडिया के सामने नहीं आया है। भाई वीरेंद्र ने इसपर अपना पक्ष भी रखा है, लेकिन सोशल मीडिया पर फिलहाल राजद विधायक के साथ पंचायत सचिव की भी फजीहत हो रही है। तेज प्रताप यादव ने इसी कांड पर राजद से पूछा है कि भाई वीरेंद्र पर कार्रवाई होगी या नहीं?
तेज प्रताप बोले- राजद दफ्तर में महिलाओं से छेड़खानी भी होती है
राष्ट्रीय जनता दल से निष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव ने कई तरह की बातें कही है। कभी वह लालू प्रसाद यादव के प्रति आस्था जताते हुए तेजस्वी यादव को होशियार रहने के लिए चेताते हैं तो कभी इशारों में तेजस्वी यादव को ही अपने मौजूदा संकट का जिम्मेदार बताते हैं। कभी वह खुद का तेजस्वी का कृष्ण, यानी सारथी बताते हैं तो कभी कहते हैं कि वह साथ दे या नहीं, मैं देता रहूंगा। लेकिन, अब तेज प्रताप यादव ने अपनी पुरानी पार्टी को ही कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह बता रहे हैं कि राजद दफ्तर में महिलाएं सुरक्षित नहीं रहती हैं, उनके साथ छेड़खानी की घटनाएं होती रहती हैं।