Bhumi Bihar : सीएम नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कहते हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा लगातार एक्शन में हैं। अब एक डीएम ने बिहार सरकार के राजस्व कर्मचारी को भ्रष्टाचार में लिप्त पाकर बर्खास्त कर दिया है।
भ्रष्टाचार के मामले में राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारते हुए पटना के डीएम ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही और रिश्वतखोरी के आरोपी राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मसौढ़ी अंचल कार्यालय में तैनात राजा कुमार पहले से ही निलंबित चल रहे थे। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
निगरानी विभाग ने रंगे हाथों किया था गिरफ्तार
मामला पिछले साल के अंत का है, जब 23 दिसंबर 2025 को निगरानी विभाग के धावा दल ने जाल बिछाकर राजा कुमार को मसौढ़ी प्रखंड कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया था। उन पर दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को जानबूझकर लंबित रखने और आम जनता से रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे थे। गिरफ्तारी के बाद मसौढ़ी के अंचल अधिकारी ने उनके विरुद्ध विस्तृत आरोप पत्र गठित कर जिला मुख्यालय भेजा था।
जांच में सही पाए गए सभी आरोप
इस संबंध में पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया कि राजा कुमार के विरुद्ध विधिवत अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान आरोपी कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन वे अपने बचाव में कोई भी संतोषजनक साक्ष्य या जवाब पेश नहीं कर सके। जांच के बाद उन पर लगे सभी आरोप पूर्णतः सत्य और प्रमाणित पाए गए।
लोकहित के प्रतिकूल था सेवा में बने रहना
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया कि राजा कुमार का आचरण बिहार सेवा संहिता के नियमों के विरुद्ध था। उनके विरुद्ध लगे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के थे। ऐसे में उनका सरकारी सेवा में बने रहना लोकहित के लिए सही नहीं था। इसी आधार पर उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के तहत बर्खास्तगी की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में सरकार की नीति बिल्कुल साफ है। पटना जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति का अक्षरशः पालन कर रहा है। जनता के कार्यों में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।