मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जदयू दफ्तर में पार्टी के युवा विधायकों, वरिष्ठ पदाधिकरियों और युवा कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। बिहार के कई जिलों से पार्टी के पदाधिकारी निशांत से मिलने आए थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं। इधर, उनके बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड के दफ्तर पहुंच गए। निशांत कुमार को देखते ही कार्यकर्ता उत्साहित हो गए। इसके बाद उन्हें घेर लिया और उनके समर्थन में नारे लगाने लगे। "बिहार का सीएम कैसा हो? निशांत कुमार जैसा हो..." इस नारे से पूरा जदयू कार्यालय परिसर गूंज उठा। निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं भी आपके जैसा ही पार्टी का कार्यकर्ता हूं। आज आप सभी से मिलने आया हूं। निशांत कुमार से मिलने के लिए कई जिलों से जदयू के पदाधिकारी भी आये थे। सभी ने निशांत को पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट किया।
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युवा विधायकों से भी निशांत ने की बातचीत
इसके बाद वह जदयू कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में भी गए। उनके साथ मंत्री सुनील कुमार व अन्य कुछ युवा विधायक विधायक भी थे। निशांत ने जनता दरबार और अन्य कुछ मुद्दों पर बातचीत भी की। इसके बाद निशांत कमरे में चले गए। यहां पर उन्होंने मंत्री सुनील कुमार और आठ युवा विधायकों से बातचीत की। हालांकि, उन्होंने क्या बातें की? यह बात अब तक सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारे में इसे सीक्रेट मीटिंग का नाम दिया जा रहा है। इधर, जदयू कार्यालय में निशांत के समर्थकों ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद निशांत ही पार्टी और राज्य की कमान संभाल सकते हैं। हमलोगों की मांग हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए।
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रविवार को निशांत ने क्या कहा था?
बता दें कि रविवार को निशांत कुमार ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। तब उन्होंने कहा था कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं और इसे स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें। निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, उसे मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के लिए जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। वह अपना जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया। आज से मैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए।