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Bihar : इस्कॉन मंदिर के पास से अपहृत युवक का सच आया सामने, खुला जॉब स्कैम का मामला; किया था एक करोड़ में डील

Fri, 09 Jan 2026 08:34 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : पटना में इस्कॉन मंदिर के पास से एक युवक के अपहरण होने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी, जिसके बाद अपहृत की   बरामदगी भी हो गई। लेकिन अपहरणकर्ताओं ने जब सच बताया तो मामला ही पलट गया। 
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गिरफ्तारी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राजधानी पटना से अपहृत युवक को पुलिस ने नालंदा जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। युवक की बरामदगी के इस्लामपुर से हुई है। साथ ही पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। युवक का अपहरण 5 जनवरी को कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर के पास से हुआ था। अपहृत युवक संतोष कुमार पटना के नागेश्वर कॉलोनी स्थित अभिराम होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करता है।

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फ़िल्मी स्टाइल में हुआ था अपहरण 
पीड़ित संतोष कुमार ने बताया कि उसे रुपये देने के बहाने अनुज, निशांत और विनोद ने इस्कॉन मंदिर के पास बुलाया था। वहां पहुंचते ही उनलोगों ने उसे जबरन बाइक पर बैठाया और फिर उसे रामकृष्ण नगर ले गए। वहां पहुँचने के बाद उसे एक निजी कार से बिहारशरीफ और फिर इस्लामपुर ले गए। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई।
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नौकरी के नाम पर 1 करोड़ की ठगी
पुलिसिया पूछताछ के दौरान गिरफ्तार मुख्य आरोपी अनुज और उसके साथियों ने बताया कि संतोष और उसके होटल मालिक ने सचिवालय सहायक की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ रुपए से अधिक लिए हैं। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपए में 67 लाख रुपए नकद लिए गए और बाकी राशि बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। ठगों ने विश्वास जीतने के लिए अभ्यर्थियों को चार महीने की ट्रेनिंग के साथ एक महीने का वेतन भी दिया। एक महीने के बाद वेतन बंद हो गया। फिर शिकायत करने पर इन ठगों ने बात करना ही बंद कर दिया।
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समाज कल्याण विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर फंसाया
आरोपियों ने बताया कि संतोष ने उनकी मुलाकात राकेश कुमार रंजन नाम के एक शख्स से कराई थी। राकेश कुमार रंजन ने खुद को समाज कल्याण विभाग का बड़ा अधिकारी बताया था। जब युवकों को अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, तो उन्होंने अपने पैसे वापस पाने के दबाव में संतोष का अपहरण कर लिया।

पुलिस की जांच के दायरे में बड़ा सिंडिकेट
इस संबंध में पटना पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल अपहरण का नहीं बल्कि एक बड़े 'जॉब स्कैम' से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हमने युवक को बरामद कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सचिवालय में नौकरी दिलाने वाले इस गिरोह के तार काफी गहरे नजर आ रहे हैं। हम ठगी, अपहरण और आपराधिक साजिश के कोणों पर जांच कर रहे हैं। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी दबोचा जाएगा।

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