पटना में प्रदर्शन करते छात्र।
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पटना में छात्रों ने किया प्रदर्शन
वहीं पटना के दिनकर गोलंबर चौराहा पर सवर्ण छात्रों के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता सौरव कुमार, विशाल और राकेश कुमार ने कहा कि यह काला बिल है। यह पूरी तरह से जात पात को बढ़ाई देना वाला है। इस सवर्णों के खिलाफ है। मोदी सरकार ने वोट बैंक के लिए सवर्णों की अनदेखी की है। हमलोग पीएम मोदी से पूछ रहे हैं कि इस तरह से बांटने की राजनीति वह क्यों कर रहे हैं। हमलोग सरकार को स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि जब जब सवर्ण समाज ने आवाज उठाई है, तब तक सिंहासन डोला है। इसलिए सरकार से अनुरोध है कि वह इस बांटने वाले बिल को वापस ले।
क्या है यूजीसी का नया नियम 2026
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जानिए क्या है यूजीसी का नया बिल?
यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026 लागू किया है, जिसे आमतौर पर इक्विटी बिल 2026 कहा जा रहा है। यह 2012 के पुराने नियमों की जगह लेगा। यूजीसी के मुताबिक, इसका मकसद उच्च शिक्षा में जाति, धर्म, लिंग, जन्म स्थान, दिव्यांगता जैसे आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नया नियम यूजीसी विनियम, 2012 का स्थान लेता है। हर उच्च शिक्षण संस्थान में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (EOC) बनाने का प्रावधान किया गया है, जो भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करेगा और कमजोर वर्गों को सहयोग देगा। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों को समान अवसर देना है।
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