जदयू नेता संजय कुमार झा का लालू परिवार पर वार
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संजय कुमार झा ने आरोप लगाया कि लालू परिवार ने मिथिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि लालू परिवार के डीएनए में मिथिला का अपमान है। तेजस्वी यादव अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए मिथिला को मिथिलांचल कह कर एक छोटे क्षेत्र में सीमित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के पिता, लालू यादव के कार्यकाल में मैथिली भाषा को बीपीएससी से बाहर कर दिया गया था। नीतीश कुमार ने 2005 में बिहार की सत्ता संभालते ही मैथिली को बीपीएससी में दोबारा शामिल किया और उसे उचित सम्मान दिलाया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कुंवर सुभाष पटेल और अन्य नेता (फाइल)
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इस दौरान संजय कुमार झा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार ने कोसी महासेतु का शिलान्यास किया तो उन्होंने अटल जी से मैथिली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया। उसे बिना देरी किए स्वीकार कर लिया गया और संसद से पास भी करवा लिया गया। उन्होंने एनडीए की सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया, जिसमें मिथिला में नए एयरपोर्ट और एम्स की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि मिथिला के विकास के लिए किए गए चौतरफा प्रयासों के तहत दरभंगा में नए एयरपोर्ट और एम्स की स्थापना की गई। इसके अलावा सिमरिया धाम के विकास और मिथिला चित्रकला संस्थान की स्थापना को भी नीतीश कुमार की सरकार की उपलब्धियों में गिनाया।
जदयू नेता संजय कुमार झा का लालू परिवार पर वार
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जदयू नेता संजय कुमार झा ने यह भी कहा कि मिथिला के लोगों ने अंधेरे और कुप्रबंधन के दिनों को बहुत करीब से देखा है। नीतीश कुमार के शासन में राज्य में विकास और सुधार हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजद के मुखिया, लालू यादव ने बिहार को वर्षों तक कलंकित किया और ऐसे परिवार से मिथिला के विकास की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।