जनसुराज के संस्थापक सदस्य आनंद सिंह ने सांसद सुधाकर पर बोला हमला।
- फोटो : अमर उजाला
जनसुराज के संस्थापक सदस्य आनंद सिंह ने गुरुवार को कैमूर के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह जो बक्सर से सांसद हैं, अगर लोकसभा से इस्तीफा देकर रामगढ़ से विधानसभा चुनाव लड़ते हैं और जनसुराज उम्मीदवार की जमानत जब्त हो जाती है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
जनसुराज के संस्थापक सदस्य आनंद सिंह ने कहा कि सुधाकर सिंह ने किसी भी राजनीतिक पाठशाला में पढ़ाई नहीं की है, उन्होंने केवल कोचिंग की है। चाहे वह राष्ट्रीय जनता दल हो, भाजपा हो, आरएसएस हो या समाजवादी पार्टी। वे किसी भी राजनीतिक दल में किसी पद पर नहीं रहे हैं और न ही संगठन के लिए कोई काम किया है। उनके पिता जगदानंद सिंह राजद के प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हीं की मर्सी (अनुकंपा) पर सुधाकर सिंह को रामगढ़ से राजद का टिकट मिला। उन्होंने चुनाव लड़ा और सिर्फ 189 मतों से किसी तरह जीत हासिल की।
आनंद सिंह ने यह भी कहा कि जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर भाजपा, जदयू और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों के रणनीतिकार रहे हैं, जबकि सुधाकर सिंह किसी भी दल में पदाधिकारी तक नहीं रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रशांत किशोर पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उन्हें जनसुराज दल का नेता नहीं बनना और न ही मुख्यमंत्री बनना है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि वह व्यक्ति विधानसभा चुनाव क्यों लड़ेगा।
आनंद सिंह ने कहा कि जनसुराज का उम्मीदवार रामगढ़ से उपचुनाव लड़ेगा और फिर 2025 के आम चुनाव में भी अपनी ताकत का अहसास कराएगा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के दामन पर कई तरह के दाग हों, वह खुद को बेदाग साबित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रामगढ़ की जनता सब समझ चुकी है। यही वजह है कि सांसद बौखलाकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।