तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव
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राष्ट्रीय जनता दल ने गुरूवार को जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कुशवाहा समाज को साधने की भरपूर कोशिश की। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि हमलोग अब एक-दूसरे से कभी नहीं लड़ेंगे, क्यों कि आज से यादव और कुशवाहा दोनों भाई-भाई हैं। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद बिहार के एकमात्र नेता हैं, जिन्हें शहीद कहा जाता है। समाजवादी विचारधारा के बड़े नेताओं में इनकी गिनती होती है। जगदेव प्रसाद का बिहार में इतना प्रभाव था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें दिल्ली बुलाया और साथ आने पर मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया। इसलिए हम मांग करते हैं कि कुशवाहा समाज से आने वाले शहीद नेता जगदेव प्रसाद को भारत रत्न दिया जाय।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी कसा तंज
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम जो कहते हैं वह कर के दिखाते हैं। हम कहे थे कि दस लाख नौकरी देंगे लेकिन उपमुख्यमंत्री रहते हुए पांच लाख मुकरी दिलवाए। चाचा कहते रहे कि कहाँ से लाएगा पैसा अपने बाप के यहां से पैसा लायेगा? तो कैसे मिल गई नौकरी? उन्होंने कहा कि लालू जी ने कई लोगों को मंत्री बनाया, कई लोगों को विधायक बनाया।लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए बदनाम करते रहते हैं। इसलिए मैं अब सबको गोलबंद होने की जरुरत है। हमलोग अब एक-दूसरे से कभी नहीं लड़ेंगे, क्यों कि आज से यादव और कुशवाहा दोनों भाई-भाई हैं।
कोई माई का लाल नहीं है, जो हमसे आरक्षण छीन सके
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने इस मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'केंद्र सरकार जाति जनगणना और आरक्षण को खत्म करना चाहती है। कोई माई का लाल नहीं है, जो हमसे आरक्षण छीन सकता है।' लालू यादव ने कहा कि पुरखों को जो भूलता है वह 20 साल तक झूलता है। इसलिए जगदेव प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर और राम मनोहर लोहिया के योगदान को हमेशा याद रखने की जरुरत है।