पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी, 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी और कई अन्य नेता तथा समाजसेवी मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस के विचारों से प्रेरित होकर पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। कांग्रेस में इन नेताओं का स्वागत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह की मौजूदगी में किया गया।
पहले जदयू के नेता थे अली अनवर अंसारी
अली अनवर अंसारी पहले जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता थे। वह अप्रैल 2006 से दिसंबर 2017 तक राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के विचारों ने बिहार में भाजपा और जदयू में हलचल पैदा कर दी है। उनके शब्दों ने दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और पसमांदा मुसलमानों में नई उम्मीद जगाई है।
अंसारी ने कहा कि उन्होंने ‘पसमांदा मुस्लिम महाज’ नामक संगठन की स्थापना की थी, जो पसमांदा राजनीति पर ध्यान केंद्रित करता है। उनके प्रयासों के चलते इस विषय पर देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शोध हो रहा है।
भागीरथ मांझी: दशरथ मांझी की विरासत
कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में भागीरथ मांझी भी थे, जो ‘माउंटेन मैन’ के नाम से मशहूर दशरथ मांझी के बेटे हैं। दशरथ मांझी ने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था। अब उनके बेटे कांग्रेस के साथ जुड़कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में काम करना चाहते हैं।
अन्य प्रमुख हस्तियां भी कांग्रेस में शामिल
इस मौके पर कई अन्य नेता और समाजसेवी भी कांग्रेस में शामिल हुए। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता मनोज प्रजापति, आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता निशांत आनंद, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े जगदीश प्रसाद, भाजपा के पूर्व नेता निघत अब्बास और लेखक-पत्रकार फ्रैंक हुजूर शामिल हैं।
राहुल गांधी के विचारों से प्रेरित होकर आए नेता
सभी नेताओं ने कांग्रेस में शामिल होने के पीछे राहुल गांधी के विचारों और उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वंचितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों की आवाज को मजबूती से उठाया है, जिससे वे प्रेरित हुए हैं।
संगठन को मिलेगी मजबूती
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन नेताओं और समाजसेवियों का पार्टी में शामिल होना कांग्रेस को नई ऊर्जा और मजबूती देगा। विशेष रूप से बिहार जैसे राज्य में कांग्रेस को इन व्यक्तित्वों से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लाभ होने की उम्मीद है।