पटना जीआरपी का चौंकाने एक वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यापारी से अवैध वसूली के आरोप में थानेदार सहित पांच पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। मामला में पटना जीआरपी के प्रभारी पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनकी जगह राजेश कुमार सिन्हा को पटना जीआरपी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात भी कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार घटना एक अगस्त की बताई जा रही है, जब पश्चिम बंगाल के एक व्यापारी सोमनाथ नइया ट्रेन पकड़ने के लिए पटना जंक्शन पहुंचे थे। इस दौरान स्टेशन पर पैदल गश्त कर रहे एक आरक्षी ने उन्हें संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया और फिर जीआरपी थाने में पहुंचा दिया। थाने में व्यापारी से कई तरह के सवाल पूछे गए और संदिग्ध बताकर जेल भेजने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें हाजत में बंद कर दिया गया, व्यापारी के लाख मिन्नतें करने और लगातार खुद को निर्दोष बताने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी।
आखिरी में पुलिसकर्मियों ने व्यापारी सोमनाथ को रिहा करने के एवज में उससे 50,000 रुपये की मांग की। उसके पास 20 हजार रुपये मौजूद थे जो उसने जीआरपी पुलिसकर्मियों को दिए और उसे छोड़ने की बात कही। लेकिन, पुलिसकर्मियों ने उस पर बाकी 30,000 रुपये देने का दबाव बनाया। पैसा नहीं होने के कारण व्यापारी ने अपने घर किसी रिश्तेदार से संपर्क किया और उनसे पैसे मांगे। इसके बाद व्यापारी ने 19,000 ऑनलाइन मंगाकर पुलिसकर्मियों को दिए, तब उसे थाने से रिहा किया गया।
इधर, पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद व्यापारी ने इस घटना की शिकायत रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर 4 अगस्त को की। शिकायत मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारियों ने मामले की जांच रेलवे के एक डीएसपी को सौंपी। जांच के दौरान डीएसपी ने सभी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और लोगों के बयान के आधार पर मामले को सही पाया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटना जीआरपी प्रभारी पंकज कुमार, सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार, एएसआई रामचंद्र राम, सिपाही संजय कुमार और कृष्ण कुमार ठाकुर को निलंबित कर दिया गया।