बिहार के 40 पुलिस जिलों में बेहतर यातायात प्रबंधन और सुचारू ट्रैफिक बहाल करने से संबंधित मानकों को लागू किया गया है। इससे संबंधित 10 मानक निर्धारित किए गए हैं। इन अलग-अलग मानकों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों को उनके प्रदर्शन के हिसाब से अंक दिए जाते हैं। इस तरह से वर्ष 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 जिलों का चयन किया गया है। इसमें पूर्णिया, सारण, लखीसराय, कटिहार और शेखपुरा शामिल हैं। वहीं खराब प्रदर्शन करने वाले 5 जिलों में सहरसा, मधुबनी, जहानाबाद, नालंदा और नवगछिया शामिल हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों को सभी निर्धारित मानकों में अपनी स्थिति को बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करके लागू करने के लिए कहा गया है।
जानिए 10 मानकों के बारे में
बिहार में औसतन प्रतिवर्ष 11 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 9 से साढ़े 9 हजार लोगों की मौत हो जाती है। इन आंकड़ों में प्रतिवर्ष कम से कम 10 फीसदी की कमी लाने के उदेश्य से राज्य के सभी जिलों में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए बिहार पुलिस की ओर से रैंकिंग की पहल की गई। इसके लिए 10 मानक बनाए गए हैं। ट्रैफिक नियमों और कायदों से जुड़े 10 मानकों पर परखते हुए उनका मूल्यांकन किया गया है और इसके आधार पर रैंकिंग की गई है। इन मानकों के लिए अलग-अलग अंक भी निर्धारित किए गए हैं। इस तरह कुल 100 में जितने अंक जिस जिले को मिले, उनकी रैंकिंग उसके आधार पर तय की गई। सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर में 10 फीसदी की कमी, इस मानक के लिए 10 अंक रखे गए हैं। इसी तरह सड़क दुर्घटना के कांड़ों का वैज्ञानिक अनुसंधान और मुआवजा भुगतान में 15 अंक, यातायात बल में रिक्ति का भरा जाना (10 अंक), ट्रेनिंग के लिए 5 अंक, प्रभावी प्रवर्तन मद में 20 अंक, चोक प्वाइंट से निजात दिलाने के लिए 5 अंक, आई-रैड या ई-डीएआर में डाटा अपलोड करने में 5 अंक, आई-आरएडी या ई-डीएआर दुर्घटना आधारित डाटा अपलोड करने में 5 अंक, एफओ स्तर पर पूर्ण करने में 5 अंक तथा जन संचार और जागरूकता फैलाने के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।