अब राज्य के सभी नगर निगमों और नगर परिषदों में उप महापौर और उप मुख्य पार्षदों को भी महापौर और मुख्य पार्षद जैसी सुविधाएं मिलेंगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है।
बता दें कि इस आदेश के बाद उप महापौरों और उप मुख्य पार्षदों को अब वाहन की सुविधा दी जाएगी। जिन नगर निकायों में उनके पास अभी तक न तो दफ्तर था, न जरूरी सामान और न ही कोई सहायक कर्मचारी। अब वहां ये सभी सुविधाएं दी जाएँगी।
मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि उप महापौरों की यह मांग लंबे समय से चल रही थी कि उन्हें भी वाहन मुहैया कराया जाए, ताकि वे बेहतर ढंग से काम कर सकें। सरकार ने उनकी यह मांग मान ली है। उन्होंने कहा कि इससे उप महापौर अपने क्षेत्र में निगरानी और योजनाओं की जांच अच्छे से कर पाएंगे, जिससे काम समय पर पूरा हो सकेगा। मंत्री ने यह भी बताया कि चूंकि नगर निगमों और नगर परिषदों का क्षेत्र बहुत बड़ा होता है, इसलिए उप महापौरों को भी वाहन की जरूरत होती है।
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बता दें कि बिहार नगरपालिका अधिनियम में उप महापौरों के अधिकार और जिम्मेदारियां तय की गई हैं। महापौर की गैरमौजूदगी में उप महापौर ही उनके कामों को संभालते हैं और स्थायी समिति के सदस्य भी होते हैं। ऐसे में उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिला पदाधिकारी उप महापौरों को भी वाहन उसी दर पर उपलब्ध कराएं, जिस दर पर महापौर को दी जाती है।