Bihar Election 2025 : मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दावा आपत्तियों के दौर का आज अंतिम दिन है। कांग्रेस की ओर से एक भी दावा या आपत्ति नहीं दर्ज है। कांग्रेस ने इस पर बड़ा आरोप लगाया तो आयोग ने जवाब भी दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेरा पार्टी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आयोग अपने 'सोर्स' के जरिए यह खबरें प्रचारित करता है कि किसी राजनीतिक पार्टी से कोई शिकायत नहीं आ रही है। मगर, सच्चाई यह है कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग को 89 लाख शिकायतें दी हैं।
कांग्रेस के बैडर लॉजिस्टिक्स एजेंट्स ने जब शिकायतें चुनाव आयोग के पास पहुंचाने का प्रयास किया, तो उन्हें कहा गया कि आयोग स्वयं जनता से शिकायतें लेगा। इससे यह सवाल उठता है कि ऐसे में राजनीतिक दलों और उनके बैडर लॉजिस्टिक्स एजेंट्स का वास्तविक रोल क्या है? 1 सितंबर को चुनाव आयोग में SIR (सिस्टम इंटीग्रेटेड रिपोर्ट) के तहत शिकायतें दर्ज करवाने की अंतिम तिथि है। इस संदर्भ में, कांग्रेस के बूथ लेवल ऑफिसर्स ने बिहार के नागरिकों के आवेदनों को दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। बीएलओ ने सभी आवेदनों को एकत्रित कर, जिला अध्यक्षों के माध्यम से DEO (डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर) को जमा करवाया है।
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने पिछले 1-2 दिनों में जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर बिहार की मतदाता सूची से लगभग 89 लाख लोगों के नाम हटाने का अनुरोध किया है... हालाँकि, कांग्रेस पार्टी के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों द्वारा उठाई गई आपत्तियाँ निर्धारित प्रपत्र में नहीं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इन आपत्तियों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित निर्वाचक निबंधन अधिकारियों को भेज रहे हैं।"