मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के कथित अमर्यादित आचरण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे हैं। ऐसे में उनसे लोकतांत्रिक मर्यादा और गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जिस तरह का अमर्यादित व्यवहार किया, उससे पूरा लोकतांत्रिक विमर्श शर्मसार हुआ है।
प्रधानमंत्री के खिलाफ भाषा पर जताई आपत्ति
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस तरह की अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच विचारों को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में लोकतांत्रिक संस्कारों की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
'देश सार्वजनिक माफी की अपेक्षा करता है'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी से उनके आचरण के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्ष के नेता के पद की अपनी संवैधानिक गरिमा है। इस पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार और मर्यादित व्यवहार की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि देश राहुल गांधी से उनके अमर्यादित आचरण के लिए सार्वजनिक माफी की अपेक्षा करता है।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने क्या कहा?
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं राहुल गांधी। किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में किस तरह की भाषा और व्यवहार होना चाहिए, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं रह गया है। वे जिनका मजाक उड़ा रहे हैं, वे इटली की राष्ट्राध्यक्ष हैं और भारत के इटली के साथ मित्रवत संबंध हैं। कुल मिलाकर, राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस तरह के हाव-भाव प्रदर्शित कर रहे हैं और जिस तरह मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर रहे हैं, उसके लिए बिहार में एक शब्द है-'लफुआगिरी'। मैं यह शब्द बोलना नहीं चाहता, लेकिन वास्तव में वे यही कर रहे हैं।