मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सोशल मीडिया पर मुहर्रम को लेकर एक पोस्ट किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मुहर्रम के अवसर पर कर्बला के शहीदों एवं हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को नमन। मैदान-ए-कर्बला में अन्याय, जुल्म, अहंकार के विरूद्ध हक और सच्चाई के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों द्वारा दी गई कुर्बानी अमर है। राज्यवासियों से अपील है कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाएं तथा इसे आपसी सद्भाव एवं भाईचारे के साथ मनाएं।
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मुहर्रम: श्रद्धा, संयम और आत्मचिंतन का पर्व
मुहर्रम इस्लामिक नववर्ष का पहला महीना होते हुए भी मुसलमानों के लिए गम का महीना होता है। खासकर 10वीं तारीख यानी ‘यौम-ए-आशूरा’ को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में रोजा रखा जाता है और ताजिया निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर ताजिया जुलूस, मातम, नौहा, और मजलिस के माध्यम से लोग इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि वे हमेशा हक, इंसाफ और अमन की राह पर चलेंगे।