फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने संभाली कमान, हॉस्टल से अस्पताल तक खंगाल रही सुराग; सियासत अब भी बरकरार

Sat, 14 Feb 2026 10:20 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : NEET छात्रा मौत मामले में सरकार और बिहार पुलिस की किरकिरी होने के बाद नीतीश कुमार ने CBI को जांच की जिम्मेदारी दी। आज टीम हॉस्टल पहुंची। अब टीम हॉस्टल से अस्पताल तक सुराग कि खंगाल रही है।
विज्ञापन
CBI - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 पटना में NEET छात्रा का मामला अब तक रहस्य ही बना हुआ है। परिजन के साथ-साथ विपक्ष ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार ने भी अपने हाथ उठा दिए और 31 जनवरी को सरकार ने मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया। लेकिन इसके बाद भी राजनीतिक दल राजनीति करने में पीछे नहीं हटे। सीबीआई की इंट्री हुई और फिर सीबीआई अधिकारियों की एक टीम ने शनिवार को गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। कई घटों तक काफी जांच -पड़ताल के बाद पांच बोरे में भरकर सबूत ले गई।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar News: 'दरिंदगी के बाद छात्रा को चौथी मंजिल से गिराकर मार डाला', यह आरोप लगाकर माले का पटना में प्रदर्शन

बारीकी से हो रही जांच 
मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई की टीम ने सीसीटीवी की बारीकी से जांच की। साथ ही हॉस्टल के अंदर की जांच की। वहां से निकलकर दोनों अस्पतालों में भी गई।अस्पताल के द्वारा दिए गए रिपोर्ट और एसआईटी के रिपोर्ट की गहनता से जांच कर रही है। हॉस्टल से निकलने के बाद टीम जहानाबाद जाकर मृतका के परिजनों से मिलने वाली थी लेकिन रात के 9 बजे तक टीम जहानाबाद नहीं पहुंची थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : पटना के एक और छात्रावास में नाबलिग छात्रा की हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

क्या हुआ था 
जहानाबाद की रहने वाली नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी अवस्था में थी। छात्रावास में रहने वाली उसकी मित्रों के सहयोग से हॉस्टल के कर्मी ने उसे अस्पताल पहुंचाया। स्थिति गंभीर होने की वजह से उसे फिर दूसरे निकी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने सड़क पर जमकर बवाल किया। बदले में पुलिस ने लाठियां भी चटकाई। मामला गर्म होने पर पुलिस ने दावा किया था कि मामले को जल्द सुलझा लेंगे, लेकिन वह सभी दावे खोखले ही साबित हुए। फिर मामला राजनीतिक हो गया, जिसे विपक्ष ने सरकार के खिलाफ हथियार बनाकर जमकर राजनीति की। अंत में सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया, अब सीसीआई मामले की जांच कर रही है, लेकिन राजनीतिक दलों की राजनीति अब तक जारी है। 


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें