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Bihar Police: थाने से हथियारों की चोरी! पुलिस महकमा हांफने लगा; एसपी बोले- पुराने इंचार्ज ने नहीं दिया रिकॉर्ड

Fri, 06 Dec 2024 06:41 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम

सार

Bihar News: थाने में रखी शराब चूहे गटक चुके हैं। इस बार थाने के मालखाना से हथियारों की चोरी का मामला सामने आया तो जिला पुलिस के तमाम अफसर दौड़ते-भागते यहां पहुंचे। हालांकि, एसपी कह रहे- चोरी नहीं, चार्ज नहीं देने का मामला है।
 
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मालखाने से हथियार चोरी की घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सासाराम के मुफस्सिल थाने के मालखाने से बड़ी संख्या में हथियार और गोलियां गायब होने की खबर ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। सासाराम यातायात थाना परिसर स्थित इस मालखाने में चोरी की घटना तब उजागर हुई जब सेवानिवृत्त पुलिस अवर निरीक्षक वीरेश सिंह मालखाना प्रभार सौंपने पहुंचे। उन्होंने पाया कि कमरे की खिड़की का ग्रिल और बक्से का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे हथियार और गोलियां गायब थीं।

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ऐसे हुआ चोरी का खुलासा
वीरेश सिंह ने घटना की सूचना मुफस्सिल थाना, नगर थाना और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार को दी। मामले की जानकारी पाकर सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
 
एसपी ने चोरी की घटना से इनकार
पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने चोरी की बात को खारिज करते हुए इसे सेवानिवृत्त अधिकारी द्वारा रिपोर्ट अद्यतन न करने का मामला बताया। उन्होंने कहा कि मालखाने की चाबी वीरेश सिंह के पास थी और बिना सत्यापन के चोरी का दावा करना गलत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोटो खींचकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
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मालखाने की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल
मालखाने की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यातायात थाना परिसर में 24 घंटे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद चोरी की भनक तक किसी को नहीं लगी। मालखाना और पुलिसकर्मियों के कक्ष एक-दूसरे से सटे हुए हैं, जिससे सुरक्षा की लापरवाही का मुद्दा और गंभीर हो जाता है।
 
सेवानिवृत्त एसआई की समस्या
वीरेश सिंह 31 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन दो साल से मालखाने का प्रभार सौंपने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि मालखाने का प्रभार नहीं सौंपने के कारण उन्हें पेंशन भी नहीं मिल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बार-बार की अपीलों के बावजूद मालखाने की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया।
 
जांच और संभावित कार्रवाई
डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। एसपी रोशन कुमार ने भी कहा कि रिपोर्ट और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अगर चोरी की पुष्टि होती है, तो प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
 
इस घटना पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं

  • यातायात थाना परिसर में 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी के बावजूद चोरी कैसे हुई?
  • अगर चोरी नहीं हुई, तो हथियार और गोलियां कहां गईं?
  • सेवानिवृत्त एसआई को प्रभार सौंपने में अब तक देरी क्यों हुई?
  • सुरक्षा तंत्र में इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?

 

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यह मामला रोहतास पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जांच के परिणामों से ही इस रहस्यमयी घटना का खुलासा हो सकेगा।

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