बिहार में अब स्कूल बस का सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और हाईटेक होने जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। मंत्री ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ प्रशासन अब सीधी और कठोर कार्रवाई करेगा।
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60 दिनों का बैकअप और सीसीटीवी
नई नियमावली के तहत अब हर स्कूल बस में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि इस कैमरे की रिकॉर्डिंग को कम से कम 60 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की जा सके। हालांकि, छोटे वाहनों यानी 14 सीटर से कम वाली गाड़ियों को फिलहाल सीसीटीवी की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
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बसों में प्रमुख सुरक्षा मानक अनिवार्य
प्रशासन ने स्कूल बसों के लिए सुरक्षा का एक फुलप्रूफ खाका तैयार किया है। सरकार के निर्देश के अनुसार हर स्कूल बस में वेहिकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम होना चाहिए। वहीं बसों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य होगा और अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा तय की गई है। इसके अलावे बस में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और रात में विजिबिलिटी के लिए रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य होगा। कागजातों में बस का रजिस्ट्रेशन, थर्ड पार्टी बीमा, प्रदूषण सर्टिफिकेट और फिटनेस सर्टिफिकेट का अपडेट होना अनिवार्य है।