फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : भाई-बहन की हत्या के विरोध में आक्रोशित लोगों ने किया अटल पथ जाम, पुलिस ने नहीं की थी कोई कार्रवाई

Thu, 21 Aug 2025 06:55 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : 15 अगस्त को दिनदहाड़े भाई-बहन की लाश कार से बरामद की गई थी। इस घटना में  परिजनों ने शिक्षिका को आरोपी बनाया था, लेकिन पुलिस ने न तो कार मालिक और न ही आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार किया। अब आक्रोशित लोगों ने अटल पथ को जाम कर दिया है।
विज्ञापन
आगजनी करते आक्रोशित लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाई-बहन की हत्या के विरोध में आक्रोशित लोगों ने अटल पथ जाम कर दिया है। 15 अगस्त को दोनों भाई बहन की एक कार में लाश बरामद हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे बच्चों की हत्या की गई, लेकिन पुलिस ने मामले में लीपा-पोती कर दी। दिन दहाड़े हुए इस डबल मर्डर से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : सीएम नीतीश कुमार क्यों आए मदरसा शिक्षकों के सामने? ज्ञापन सौंपने के लिए मंच के पास पहुंचे

15 अगस्त की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राजधानी पटना के पॉश एरिया में दिन दहाड़े नाबालिग दो भाई बहन का शव एक कार के अंदर मिला।  शव की पहचान गणेश साव की पुत्री लक्ष्मी (7) और पुत्र दीपक (5) के रूप में की गई थी। बच्चों के माता-पिता का कहना था कि दोनों बच्चों को उसकी निजी शिक्षिका ने फोन कर अपने घर पर ट्यूशन पढ़ने के लिए बुलाया था, लेकिन इसके बाद दोनों बच्चे घर नहीं पहुंचे। घर लौटने के रास्ते में दोनों सीसीटीवी में पढ़कर लौटते हुए दिखे भी। फिर दोनों भाई बहन की लाश उसी रास्ते में स्थित एक मैदान में लगी कार के अंदर से बरामद हुआ, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि पुलिस ने परिजनों के कहने पर भी न तो महिला शिक्षिका पर कोई कार्रवाई की और न उस कार मालिक पर, जिसकी कार से बच्चों के शव बरामद हुए।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar : साधु यादव लड़ेंगे विधान सभा चुनाव, अपने भांजों पर भी खूब कहा; कहा- बदल सकती है राजनीति की तस्वीर
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप 
घटना के संबंध में मां किरण देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि शव को देखने से ऐसा लगता है कि महिला शिक्षिका ने ही बच्चों को गर्म पानी या इलेक्ट्रिक से जलाकर मारा है। बेटे के शरीर पर चोट के निशान हैं, जबकि बेटी का गला घोंटा गया है। उनका आरोप है कि दोनों की हत्या के बाद शव को खपाने की तैयारी थी, जो नाकाम हो गई और मामला खुल गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने के लिए उन्हें समस्तीपुर जाने का दवाब बनाया। आननफानन में देर रात दोनों बच्चों का पोस्टमोर्टम कराया गया और सुबह तीन बजे एंबुलेंस से जबरदस्ती उन्हें लाश के साथ समस्तीपुर भेज दिया गया। इसके पीछे पुलिस के दो लॉजिक थे। पहला दिन दहाड़े हुए इस इस डबल मर्डर मामले को शांत किया जा सके और दूसरा आरोपी को बचाया जा सके। परिजन बच्चों का अंतिम संस्कार कर वापस पटना लौटे और अब अटल पथ को जामकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बस मुझे न्याय मिले।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें