Bihar: भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बाबू खान और AIMIM नेता मुकेश कुमार ने कहा कि यह कानून मुस्लिम और दलित समुदाय के अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनें हमारे पूर्वजों ने मस्जिद, मदरसे और खांकों के लिए दी थीं, लेकिन आज की सरकार उन्हें जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश कर रही है।
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के विरोध में कैमूर जिले के भभुआ शहर में सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और भीम आर्मी के संयुक्त बैनर तले मुस्लिम और दलित समुदाय के सैकड़ों लोगों ने जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान के काफिले का जमकर विरोध किया गया।
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प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही मंत्री का काफिला देखा उनके विरोध में नारे लगाते हुए उनकी गाड़ी से जदयू का झंडा उखाड़ दिया। माहौल बिगड़ता देख मंत्री का काफिला वहां से रवाना हो गया। भीड़ का आक्रोश इतना था कि सुरक्षाबलों को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
मार्च पटेल चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बाबू खान और AIMIM नेता मुकेश कुमार ने कहा कि यह कानून मुस्लिम और दलित समुदाय के अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनें हमारे पूर्वजों ने मस्जिद, मदरसे और खांकों के लिए दी थीं, लेकिन आज की सरकार उन्हें जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह विधेयक वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे कृषि कानूनों को वापस लिया गया, वैसे ही वक्फ बोर्ड कानून को भी सरकार को वापस लेना होगा, वरना जनता लोकसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।