Patna News: ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे, तभी अचानक घोड़े ने उन पर हमला कर दिया। घोड़ा यहां ही नहीं रुका, वह बेकाबू होकर इधर-उधर भागता रहा। इस दौरान कुल 12 लोगों को उसने घायल कर दिया।
पटना जिले के पुनपुन थाना क्षेत्र के डेहरी गांव में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक बेकाबू घोड़े ने गांव में आतंक मचा दिया। उग्र हुए घोड़े ने गांव के अलग-अलग हिस्सों में दौड़ते हुए बच्चों, महिलाओं और पुरुषों पर हमला कर दिया। इस घटना में बच्चों समेत कुल 12 लोग घायल हो गए। घोड़े के हमले से गांव में दहशत का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। घटना में सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि घोड़े के हमले में 4 और 6 साल के दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घायलों को आनन-फानन में पुनपुन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार किया गया। कुछ घायलों को सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। वार्ड सदस्य उदय कुमार और पूर्व मुखिया अशोक कुमार ने बताया कि घोड़ा काफी देर तक गांव में उत्पात मचाता रहा। ग्रामीणों ने उसे काबू में करने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार लोगों पर हमला करता रहा। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही पुनपुन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि घोड़े के हमले में घायल लोगों को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम घोड़े की मौत हो गई, जिसके बाद उसके शव को पुनपुन नदी में प्रवाहित कर दिया गया।
इस कारण हो गया था बेकाबू
स्थानीय लोगों का कहना है कि घोड़ा किसी कारणवश जख्मी हो गया था। उसके दोनों पैरों में जख्म थे। दर्द से परेशान होने के कारण वह बेकाबू हो गया। इसके बाद वह लोगों को कुचलते हुए इधर-उधर भागने लगा है। इसमें कुछ बच्ची समेत 12 लोग घायल हो गए। गोलू कुमार के सिर में चोट लगी है। उसकी हालत गंभीर है। पीएमसीएच में उसे इलाज के लिए भेजा गया है।
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वार्ड सदस्य ने लगाया गंभीर आरोप
वहीं, वार्ड सदस्य उदय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग की टीम को भी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घोड़े को काबू में करने के दौरान उसे कुचलने का प्रयास किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।