फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramajan 2026 : भारत में दिखा रमजान का चांद, कल रखा जाएगा पहला रोजा; इबादत में जुटेंगे मुकद्दस हाथ

Wed, 18 Feb 2026 11:22 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : पाक ए महीना रमजान का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशी की खबर है। बुधवार शाम देश के अलग-अलग हिस्सों में चांद नजर आया है। इसी के साथ इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने यानी रमजान-उल-मुबारक का आगाज हो गया है।
विज्ञापन
बकरीद का चांद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में आज चांद देखा गया। इसके साथ ही माह ए रमजान का महीना शुरू हो गया, जो पूरे महीने चलेगा। इस महीने में मुसलमान धर्म के लोग इबादत में जुड़ जाते हैं। पाक महीना माहे रमजान 30 दिन का होता है।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar : कांग्रेस ने पूर्व विधायक सहित दो को पार्टी से 6 साल के लिए किया निष्कासित, दोनों ने कहा- फर्जी है पत्र











 

विज्ञापन

बकरीद में बढ़ी बाजार की रौनक - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में मौलाना का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग फजर की नमाज से लेकर मगरिब के अज़ान तक रोज रोजा खोलते हैं। यह महीना पाक महीना माना जाता है। इस पूरे महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। इनकी मान्यता के अनुसार खाने-पीने से परहेज़ करना होता है। बुरे कामों और बुरी बातों से दूर रहना होता है तथा धैर्य और संयम का अभ्यास करना होता है। इस महीने में नमाज़, कुरआन की तिलावत, तरावीह और दुआओं का खास महत्व होता है। माना जाता है कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
यह खबर भी पढ़ें-Fake Certificate: आपकी नकली डिग्री का सब पता है... नीतीश कुमार के मंत्री पर राजद का हमला, जवाब में मिली चुनौती

इस संबंध में मौलाना कहते हैं कि इसी महीने कुरआन इस दुनिया में आया था, इसलिए इस महीने को बेहद पाक महीना कहा जाता है। उन्होंने बताया कि मुस्लिमों के लिए जिस तरह नमाज पढ़ना अनिवार्य है, ठीक उसी तरह दिन में रोजा रखना और रात में इबादत करना हमारा फर्ज है। रमजान हमें यह सिखाता है कि हमें आपस में भाईचारा, प्यार और दिल में  त्याग की भावना रखनी चाहिए। रमजान रहमत और बरकत का महीना है। कहा जाता है कि इस महीने में बच्चे, बूढ़े, महिला और पुरुष सभी को रोका रखना अनिवार्य है, सिर्फ बीमार लोगों को ही रोजा रखने की छुट दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें