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Bihar News: मिड-डे-मील खाने से 18 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराए गए भर्ती

Fri, 13 Dec 2024 07:12 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास

सार

Rohtas News: नाराज ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि मिड-डे-मील की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं की जाती, जिसके कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ती है। ग्रामीणों ने दोषी एनजीओ और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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इलाज के लिए अस्पताल ले जाए गए बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोहतास के डेहरी प्रखंड के दहाउर पंचायत स्थित रामगढ़ प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील खाने के बाद 18 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। बच्चों को इलाज के लिए तत्काल डेहरी अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल में जुट गई। फिलहाल सभी बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

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पेट दर्द और उल्टी की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, एनजीओ द्वारा प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी मिड-डे-मील का भोजन विद्यालय में लाया गया था। बच्चों को खाने में चावल, छोले और अंडा परोसा गया। भोजन के दौरान कई बच्चों ने अंडा खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। कुछ ही देर में बच्चों की तबीयत और बिगड़ गई, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। उसके बाद विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को प्राथमिक इलाज के बाद डेहरी अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया।
 
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
डिहरी के प्रभारी एसडीएम सह डीसीएलआर अभिषेक कुमार ने बताया कि मिड-डे-मील खाने के बाद 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। तत्काल प्रभाव से अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष और स्वास्थ्य विभाग की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। बच्चों का इलाज अनुमंडल अस्पताल में जारी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि खाने में अंडा खराब हो सकता है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की है।
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ग्रामीणों और अभिभावकों का भड़का आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि मिड-डे-मील की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं की जाती। इसके कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ती है। ग्रामीणों ने दोषी एनजीओ और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 
जांच और कार्रवाई की तैयारी

  • जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) की टीम मिड-डे-मील की गुणवत्ता और आपूर्ति प्रक्रिया की जांच करेगी।
  • दोषी पाए जाने पर संबंधित एनजीओ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रशासन ने स्कूल में भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए अतिरिक्त उपाय लागू करने की बात कही है।

 
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत अब सामान्य है। डॉक्टरों ने कहा कि समय पर इलाज मिलने से बच्चों की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

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