बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सासाराम में कहा कि परिषद की पूरी कार्यवाही डिजिटल हो चुकी है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। वहीं नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि उनके फैसले का सभी सम्मान करते हैं।
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह रविवार को सासाराम पहुंचे। अवधेश नारायण सिंह ने मीडिया से कहा कि बिहार विधान परिषद देश का पहला हाउस है, जहां संपूर्ण कार्रवाई डिजिटल हो चुकी है। इस आधुनिक पहल से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व गति आई है। इसके अलावा उन्होंने एआई के दौर में सदन की जरूरतों पर भी चर्चा की और कहा कि इसके लिए सदन के सभी सदस्यों को प्रशिक्षण देने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट को बुलाया गया है।
विज्ञापन
नीतीश कुमार के जाने का सबको दुख
अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे लोकप्रिय, प्रगतिशील, विकासशील एवं महत्वपूर्ण नेता के बिहार छोड़कर जाने का सबको दुख है। सभी लोग दिल से चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार की सेवा करते रहे, लेकिन राज्यसभा जाने का फैसला उनका निजी है। नीतीश कुमार प्रदेश के शीर्ष नेता है और राष्ट्रीय नेतृत्व में भी उनका महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिए उनका अंतिम फैसला सभी के लिए सर्वमान्य होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते पर कहा कि उनका संबंध पद से नहीं जुड़ा बल्कि आत्मा से जुड़ा है।
एनडीए का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा सीएम
वहीं, बिहार के अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व हीं बिहार का अगला सीएम तय करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है, अगर सूचना मिलती है तो वे जरूर जायेंगे।
विज्ञापन
'देश में तेल एवं गैस की कोई किल्लत नहीं'
अवधेश नारायण सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की। कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में भी प्रधानमंत्री धैर्य के साथ काम कर रहे हैं और उनके कार्यों की विपक्ष भी सराहना कर रहा है। हमारे देश में तेल एवं गैस की कोई किल्लत नहीं है। भारत का सभी देशों के साथ अच्छा संबंध है और हर जगह से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हो रही है।
संकट में सभी एक साथ
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न हालात पर सभापति ने एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि भारत में युद्ध का अभी कोई असर नहीं है, लेकिन सभी को इस संकट के लिए तैयार रहना चाहिए। देश के ऊपर संकट आने पर जनता को भी अपनी जरूरत की चीजों में कटौती करनी चाहिए, ताकि इसका प्रभाव हमारे देश के ऊपर ना हो। इतिहास गवाह है कि जब भी देश के ऊपर संकट आया, सभी देशवासी एक साथ खड़े रहे और आगे भी रहेंगे।