नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली से लौटते हैं विधान परिषद की रिक्त सीटों के लिए भाजपा और जदयू नेताओं ने अपनी अपनी दावेदारी शुरू कर दी है। हालांकि शुक्रवार को दिल्ली से पटना लौटे मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विधान परिषद की सीटों के लिए कोई चर्चा नहीं हुई है। उनसे बिहार के विकास पर ही बात हुई है
राज्यपाल कोटे की सीटें पिछले साल मई से ही खाली हैं। 75 सदस्यीय विधान परिषद में पांच श्रेणी के पद हैं। पहला 27 एमएलसी विधानसभा कोटे से चुने जाते हैं। दूसरा 24 एमएलसी स्थानीय प्राधिकार कोटे से चुन कर आते हैं। छह-छह सीटें शिक्षक और स्नातक कोटे की हैं।
वहीं, 12 सीटें राज्यपाल मनोनयन कोटे की है। वर्तमान में 16 सीटें रिक्त है। इसमें 12 सीटें राज्यपाल मनोनयन कोटे की है, जबकि चार सीटें स्थानीय प्राधिकार कोटे की है।
एनडीए सरकार में शामिल दो मंत्रियों जदयू के अशोक चौधरी और भाजपा के जनक राम का उच्च सदन के लिए मनोनयन पहले से ही तय है। बाकि बचे दस सीटों को लेकर दावेदारी का चरम पर है। हम के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और वीआइपी अध्यक्ष मुकेश सहनी भी अपने लोगों को बिहार विधान परिषद में भेजने की जुगाड़ में लगे हुए हैं।