बिहार विधान परिषद के 213वें सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया। पांच बैठकों वाले इस सत्र में 21 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। पूरे सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों, छात्र आंदोलन, नीट विवाद और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
बिहार विधान परिषद का 213वां सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। इस सत्र में विधायी कार्यों के साथ-साथ जनहित के कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सदन ने कुल 21 महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर सरकार से जवाब भी मांगे गए। सत्र का समापन शुक्रवार को बिहार विधान परिषद में हुआ। यह सत्र कुल पांच बैठकों तक चला। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने मुद्दे जोरदार ढंग से उठाए। राजद के विधान पार्षदों ने छात्र आंदोलन और नीट मामले को लेकर सदन में प्रदर्शन किया। वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए पलटवार भी किया।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
पूरे सत्र के दौरान सदस्यों ने प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और निवेदन के माध्यम से विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को सरकार के सामने रखा। सरकार ने कई सवालों के जवाब सदन में दिए, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों और समितियों के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
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कैसे चली सदन की कार्यवाही?
सत्र में अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों की बड़ी संख्या प्राप्त हुई। अधिकांश प्रश्नों को स्वीकार कर संबंधित विभागों को भेजा गया और कई सवालों का जवाब सदन में दिया गया। ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए भी जनहित के कई अहम मुद्दे उठे। कुछ मामलों में सरकार ने जवाब दिया, कुछ प्रस्तावों को प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति को भेजा गया, जबकि समय की कमी के कारण कुछ प्रस्ताव लंबित रह गए। शून्यकाल में भी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाया। इस बार सदन की कार्यवाही में डिजिटल व्यवस्था 'नेवा' का भी व्यापक उपयोग हुआ। बड़ी संख्या में प्रश्न इसी प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हुए। अधिकांश प्रश्न संबंधित विभागों को भेजे गए और विभागों ने समय पर जवाब भी उपलब्ध कराए। इससे सदन की कार्यवाही में डिजिटल व्यवस्था का बढ़ता उपयोग देखने को मिला।
इन 21 अहम विधेयकों को मिली मंजूरी
सत्र के दौरान बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, बिहार नगर विकास विधेयक, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं आधुनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक और बिहार विनियोग (संख्या-3) विधेयक समेत कुल 21 महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की मंजूरी मिली। समापन के अवसर पर सभापति ने कहा कि पूरे सत्र के दौरान सदस्यों ने संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने सकारात्मक चर्चा और विधायी कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।