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Bihar: सरकारी जमीन की हेराफेरी पर सख्त हुए मंत्री दिलीप जायसवाल, बोले- 15 दिन में सुधार करें अधिकारी

Fri, 05 Jun 2026 05:37 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। गैर मजरूआ आम भूमि को रोक सूची में शामिल करने, ऑफलाइन काम पर रोक लगाने और 15 दिनों में प्रदर्शन सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया है।
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बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गैर मजरूआ आम श्रेणी की सभी सरकारी भूमि की पहचान कर उन्हें तत्काल रोक सूची में शामिल किया जाए, ताकि उनकी अवैध खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भोजपुर, मधेपुरा और अरवल जिलों के राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि जमाबंदी रद्दीकरण से जुड़े मामलों को भी रोक सूची में शामिल किया जाए और इसकी जानकारी निबंधन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि विकास योजनाओं और लैंड बैंक निर्माण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच के बाद अंतिम सूची होगी तैयार
बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने बताया कि सभी अंचल अधिकारियों के लॉगिन में सरकारी जमीनों की प्राथमिक सूची उपलब्ध करा दी गई है। इसकी जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूची तैयार होने के बाद संबंधित अधिकारियों से यह शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि उनके क्षेत्र की कोई सरकारी भूमि सूची से बाहर नहीं रह गई है।
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ऑफलाइन कार्य करते पाए जाने पर होगी विभागीय कार्रवाई
समीक्षा के दौरान मंत्री ने दाखिल-खारिज, ऑनलाइन म्यूटेशन, ई-मापी, परिमार्जन, अभियान बसेरा-2, राजस्व महाअभियान, लोक शिकायत, किसान पंजीकरण और न्यायालयों में लंबित मामलों सहित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की प्रगति का आकलन किया। डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग की सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन हैं और किसी भी प्रकार का कार्य ऑफलाइन नहीं किया जाना चाहिए। यदि कोई अधिकारी ऑफलाइन कार्य करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने ई-मापी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक अमीन को प्रति माह 15 से 20 मापी का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन अधिकांश जिलों का प्रदर्शन अपेक्षानुसार नहीं है। उन्होंने ई-मापी मामलों में ‘फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट (FIFO)’ प्रणाली का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आगे मंत्री ने कहा कि विभाग में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की निगरानी भी जारी है। ऐसे में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और विभाग की कार्यशैली में सुधार लाने की सलाह दी।

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अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी
 यह भी निर्देश दिया कि अवकाश पर जाने वाले अधिकारियों के स्थान पर सक्षम और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाए। केवल परंपरा के आधार पर पड़ोसी अंचल के अधिकारियों को प्रभार देने की व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाए। बैठक के अंत में मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिकांश अंचलों का प्रदर्शन अभी संतोषजनक नहीं है। आगामी 15 दिनों में सुधार नहीं दिखने पर उपलब्ध आंकड़ों और कार्य निष्पादन के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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