प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को शून्य कार्यालय दिवस (ZOD) अभियान के तहत राज्य में जन वितरण प्रणाली दुकानों के शत-प्रतिशत निरीक्षण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव मो. नैय्यर इकबाल, विशेष सचिव उपेन्द्र कुमार सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो संवाद के माध्यम से जुड़े।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि शून्य कार्यालय दिवस अभियान के तहत जन वितरण प्रणाली दुकानों के निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान 9 सितम्बर तक चलेगा और इस अवधि में राज्य की सभी दुकानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण पूरा होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह है कि हर लाभार्थी को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न सही समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। साथ ही जिलाधिकारियों को इस अभियान की सघन अनुश्रवणी करने का भी निर्देश दिया गया।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बताया कि जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शून्य कार्यालय दिवस अभियान के दौरान 2 से 9 सितम्बर तक राज्य की सभी दुकानों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। यह निरीक्षण पीडीएस परख मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों से यह भी जानकारी ली जा रही है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल रहा है या नहीं। अब तक इस अभियान के तहत राज्य की 53,859 जन वितरण प्रणाली दुकानों में से 14,437 दुकानों का निरीक्षण कार्य संपन्न हो चुका है।