निशांत कुमार के पास शिकायत करने पहुंचे मरीज के परिजन।
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पांच नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने संस्थान में पांच नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि पहली बार राज्य में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी संक्रमित मरीजों के लिए समर्पित (डेडिकेटेड) डायलिसिस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे मरीजों के लिए अलग डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण उन्हें इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निशांत कुमार ने कहा कि यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार अन्य सरकारी अस्पतालों में भी किया जाएगा, ताकि संक्रमित मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
बाहर जाने की आवश्यकता लगातार कम होगी
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के लोगों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक चिकित्सा अवसंरचना, अत्याधुनिक उपकरणों तथा विशेषज्ञ उपचार सुविधाओं के विस्तार से गंभीर एवं जटिल बीमारियों के इलाज में नई क्षमता विकसित होगी तथा मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता लगातार कम होगी। उन्होंने कहा कि आईजीआईएमएस राज्य का प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी संस्थान है। यहां विकसित की गई नई सुविधाएं न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक आई.सी.यू., डायलिसिस सेवाओं के विस्तार तथा उन्नत निगरानी व्यवस्था से संस्थान की उपचार क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी
उन्होंने संस्थान के अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अस्पताल में स्वच्छता, दवा एवं जांच की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता तथा मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।