बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 2022 से 2024 तक जारी सभी परिपत्रों को एक जगह संकलित कर सार्वजनिक कर दिया है। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझना और लागू करना आसान होगा। इस संकलन का उद्घाटन भूमि एवं राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक सिंह ने किया।
सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी
दीपक सिंह ने कहा कि यह संकलन सरकारी आदेशों और नीतियों को संरक्षित रखने में मदद करेगा। इससे आने वाले समय में अधिकारी और आम जनता दोनों को जरूरी सरकारी निर्देश आसानी से मिल सकेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी और कोई भी जरूरी सूचना इधर-उधर भटकने की बजाय एक ही जगह मिलेगी।
कैसे मददगार होगा यह संकलन?
यह संकलन सरकारी अधिकारियों और आम जनता दोनों के लिए उपयोगी रहेगा। इससे नीति निर्माण, निर्णय लेने और नियमों के अनुपालन में मदद मिलेगी। खासतौर पर नए अधिकारियों के लिए यह एक गाइड की तरह काम करेगा, जिससे उन्हें पुराने आदेशों और दिशा-निर्देशों को समझने में आसानी होगी।
इस संकलन को और उपयोगी बनाने के सुझाव
दीपक सिंह ने कहा कि इसे और ज्यादा उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने कुछ सुझाव दिए, जैसे इसमें आसान नेविगेशन के लिए ड्रॉपडाउन मेन्यू जोड़ा जाए, हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कीवर्ड सर्च की सुविधा दी जाए, और सभी मास्टर परिपत्रों को एक साथ समूहबद्ध किया जाए, ताकि कोई भी आसानी से इन्हें ढूंढ सके।
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कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) डॉ. बी. राजेंदर, प्रधान सचिव (खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग) डॉ. एन. सरवण कुमार, सचिव (विधि विभाग) अंजनी कुमार सिंह, सचिव (ग्रामीण विकास विभाग) लोकेश सिंह और विशेष सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) रचना पाटिल शामिल थे।
सरकार का यह कदम क्यों अहम?
इस संकलन के जरिए सरकारी आदेशों और नियमों को एक जगह संगृहित कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं पहले से ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी होंगी। इससे सरकारी आदेशों को समझना और लागू करना भी आसान होगा, जिससे बिहार में प्रशासनिक कामकाज में सुधार होगा।