सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सीएससी के माध्यम से आधार आधारित मुफ्त जीवन प्रमाणीकरण सेवा शुरू किया गया। इस सेवा का शुभारंभ कॉमन सर्विस सेंटर, हुलासचक (बाबनपुरा मोड़ के पास), एम्स जनिपुर रोड, फुलवारी शरीफ, पटना में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय सचिव बंदना प्रेयषी ने किया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को जीवन प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग से वृद्धजन, विधवा और दिव्यांगजनों के लिए कुल छः सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के अंतर्गत जून 2025 से पेंशन राशि बढ़ाकर 1100 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सटीक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में आज कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आधार आधारित निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया है। यह पहल इसलिए अत्यंत आवश्यक है ताकि पेंशन का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके।
यह भी आवश्यक है कि जिन पेंशनधारियों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम पेंशन सूची से हटाए जाएं, क्योंकि पेंशन केवल जीवित पात्र व्यक्तियों को ही देय है। इसी उद्देश्य से जीवन प्रमाणीकरण के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। यदि कोई पेंशनधारी अत्यधिक वृद्ध, अस्वस्थ या दिव्यांग होने के कारण सीएससी तक नहीं आ सकता, तो विभाग की टीम पंचायत स्तर पर, सामुदायिक भवनों में कैंप लगाकर अथवा उनके घर जाकर जीवन प्रमाणीकरण कराएगी, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी केवल शारीरिक असमर्थता के कारण पेंशन से वंचित न रहे।
पढ़ें: शराबबंदी में बड़ी कार्रवाई, शराब के साथ पकड़ा गया होमगार्ड जवान; एसपी ने किया बर्खास्त
मुझे प्रसन्नता है कि यह लंबे समय से अपेक्षित और अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया आज प्रारंभ हो रही है। इसके लिए मैं CSC, विभागीय पदाधिकारियों एवं फील्ड कर्मियों को धन्यवाद देती हूं। इस पहल से सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ा डाटा अधिक शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय होगा तथा वास्तविक लाभार्थियों तक पेंशन का लाभ सही समय पर पहुंचेगा।”
समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी पात्र पेंशनधारियों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर समय पर जीवन प्रमाणीकरण कराएं, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। नवंबर, 2025 तक राज्य में कुल 1.15 करोड़ से अधिक (115.50 लाख) पेंशनधारियों को 1295.88 करोड़ रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
सीएससी के माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण
* सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों का डाटा ई-लाभार्थी पोर्टल पर संधारित है।
* मृत पेंशनधारियों की पहचान और डाटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य है।
* सीएससी के माध्यम से यह सेवा पूरे राज्य में 67,000 से अधिक केंद्रों पर उपलब्ध है। पेंशनधारी अपने आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या अथवा लाभार्थी संख्या के आधार पर निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण कर सकते हैं। अत्यधिक वृद्ध और दिव्यांग पेंशनधारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण संभव न होने की स्थिति में आईरिस डिवाइस का उपयोग किया जाएगा।
* सीएससी चयन का आधार: कॉमन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड की तकनीकी क्षमता और राज्य के दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तृत नेटवर्क को देखते हुए 03 अक्टूबर 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीएससी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पेंशनधारियों का मुफ्त जीवन प्रमाणीकरण करने के लिए चुना गया।