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Bihar: राशन कार्ड में 3 फर्जी नाम के कारण दलित परिवार को नहीं मिल रहा सरकारी अनाज, महिला ने लगाई मदद की गुहार

Mon, 29 Sep 2025 05:24 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एहसान करीम ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है। फर्जी लोगों के नाम राशन कार्ड से जल्द ही हटा दिए जाएंगे और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
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महिला ने लगाई गुहार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना जिले के मनेर प्रखंड क्षेत्र के खासपुर पंचायत स्थित एक दलित राशन कार्ड धारक परिवार के खिलाफ फर्जी तरीके से तीन नाम अंकित होने के कारण हर माह पीडीएस दुकान से अनाज नहीं मिल रहा है। पीड़ित राशन कार्ड धारक महिला ने अपनी शिकायत पंचायत के मुखिया के पास पहुंचाई है। मुखिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित शिकायत करने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि खासपुर पंचायत के खासपुर गांव के निवासी बबलू पासवान की पत्नी निभा देवी के नाम से वर्ष 2018-2024 का राशन कार्ड जारी है। निभा देवी पिछले कई वर्षों से अपने राशन कार्ड के माध्यम से अनाज का लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हर बार दुकानदार उन्हें बताते हैं कि उनका राशन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पहले ही उठाया जा चुका है। 
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महिला को सरकारी राशन का एक दाना तक नहीं मिला
कई स्थानीय प्रतिनिधियों के दरवाजे पर जाकर शिकायत करने के बाद भी महिला को सरकारी राशन का एक दाना तक नहीं मिला। थकहार कर निभा देवी ने वर्तमान पंचायत की मुखिया पिंकी यादव और मुखिया प्रतिनिधि बोधनाथ यादव से मिलकर अपनी पूरी समस्या बताई। मुखिया और मुखिया प्रतिनिधि ने इस मामले की लिखित शिकायत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से करने का आश्वासन दिया और फर्जी नामों को राशन कार्ड से हटवाने का आश्वासन दिया।

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फर्जी लोगों के नाम राशन कार्ड से जल्द ही हटा दिए जाएंगे
महिला निभा देवी ने बताया कि जब से उनका राशन कार्ड मिला है, तब से उन्हें मुफ्त अनाज नहीं मिल पा रहा है। पीडीएस दुकान पर जाने के बाद दुकानदार जांच कर बताते हैं कि उनका मुफ्त अनाज किसी अन्य द्वारा उठाया जा चुका है, जबकि उन्होंने कभी अपने कोटे का राशन का उठाव नहीं किया है। महिला ने यह भी बताया कि राशन कार्ड में उनके परिवार के अलावा कुणाल, विशाल और अविनाश के नाम फर्जी तरीके से अंकित हैं, जिनके माध्यम से फर्जी लोग हर माह उनके हक का अनाज उठाते हैं। इस मामले में कौन-कौन शामिल है, इसकी जानाकरी नहीं मिल सकी है।
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