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PMCH: सर्वाइकोथोरैसिक जंक्शन की एंटीरियर सर्वाइकल एप्रोच से सर्जरी सफल, राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में हुआ ऐसा

Fri, 08 Aug 2025 09:20 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

PMCH News: डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि इस तरह की सर्जरी निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होती है, जिसके कारण मरीज आमतौर पर राज्य से बाहर इलाज कराने को मजबूर होते थे। लेकिन अब पटना में ही सफलतापूर्वक हो रही है। पढ़ें पूरी खबर...।
 
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PMCH में सर्वाइकोथोरैसिक जंक्शन की एंटीरियर सर्वाइकल एप्रोच से सर्जरी सफल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में शुक्रवार को चिकित्सा इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। यहां पहली बार गर्दन और स्पाइन के जंक्शनल एरिया (सर्वाइकोथोरैसिक सी7-टी1) की एंटीरियर सर्वाइकल एप्रोच से सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। केवल तीन टांके के चीरे से हुई यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक और स्पाइन सर्जन डॉ. (प्रो.) महेश प्रसाद और उनकी टीम ने पूरी की। सर्जरी के बाद मरीज की हालत बेहतर है और जल्द ही उसकी फिजियोथेरेपी व एक्सरसाइज शुरू होगी।

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गंभीर हादसे के बाद टूटी गर्दन की हड्डी
जमुई जिले के सिकंदरा निवासी 45 वर्षीय अनिक पासवान (बदला हुआ नाम) एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में उनकी गर्दन के सबसे निचले हिस्से की हड्डी टूट गई, जो स्पाइन और गर्दन की हड्डी के जंक्शन (सी7-टी1) पर स्थित होती है। यह शरीर का बेहद संवेदनशील और जटिल हिस्सा है, जहां सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। एक्सीडेंट के करीब 10–12 दिन बाद मरीज पीएमसीएच पहुंचे, तब उनके हाथों में ताकत नहीं थी और पैर बिल्कुल काम नहीं कर रहे थे।

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निजी अस्पतालों की महंगी फीस से बचा मरीज
डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सबसे पहले स्पाइनल कॉर्ड पर पड़े दबाव को हटाया गया और खिसकी हुई हड्डी को सही स्थिति में लाकर आगे से प्लेट लगाकर फिक्स किया गया। उन्होंने कहा कि यह पीएमसीएच के इतिहास में पहली ऐसी सर्जरी है और एनीस्थिसिया विभाग का सहयोग इसमें बेहद अहम रहा। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की सर्जरी निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होती है, जिसके कारण मरीज आमतौर पर राज्य से बाहर इलाज कराने को मजबूर होते थे, लेकिन अब पटना में ही सफलतापूर्वक हो रही है।
 
एनीस्थिसिया टीम के लिए भी रहा चुनौतीपूर्ण केस
एनीस्थिसिया विभाग के एचओडी डॉ. सुदामा प्रसाद ने कहा कि सर्वाइकोथोरैसिक जंक्शन एरिया की सर्जरी एनेस्थिसिया के दृष्टिकोण से बेहद कठिन होती है। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण केस में अपनी टीम के डॉ. अजय कुमार के सहयोग की सराहना की।
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डॉ. महेश प्रसाद ने हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश चौधरी के समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। सर्जरी में सीनियर रेजिडेंट डॉ. अकरम, डॉ. राजू, डॉ. सत्यजीत, पीजी थर्ड ईयर के डॉ. कुमार श्रेयस्कर, डॉ. आलोक कुमार, पीजी सेकंड ईयर के डॉ. मनींद्र कुमार, डॉ. कुमार देवंत और पीजी फर्स्ट ईयर के डॉ. आशीष रंजन, डॉ. सुमन चंद्रा तथा डॉ. गौरव कुमार शामिल थे। टीम के सामूहिक प्रयास से यह सर्जरी पूरी तरह सफल रही।

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