बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कोसी नदी पर भारतीय क्षेत्र में एक नए और उच्च क्षमता वाले बैराज के निर्माण की मांग की। उन्होंने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आग्रह करते हुए कहा कि नेपाल में बने मौजूदा कोसी बैराज की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है। यह बिहार के लिए गंभीर बाढ़ का खतरा बन गया है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि नेपाल में 1962 में बनाया गया कोसी बैराज अब 62 साल पुराना हो चुका है, जबकि इसकी आयु केवल 25 वर्ष बताई गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैराज की आयु पूरी हो चुकी है। इसलिए अब नए बैराज की आवश्यकता है और वह भी भारतीय सीमा के भीतर होना चाहिए, ताकि बिहार को बार-बार आने वाली बाढ़ से स्थायी रूप से बचाया जा सके।
कोसी बाढ़ से बढ़ी चिंता
सम्राट चौधरी ने बिहार की कोसी, बागमती, गंडक और उत्तर बिहार की अन्य नदियों की बाढ़ से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बारे में केंद्रीय मंत्री पाटिल को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस साल 2024 में नेपाल के कोसी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
डिप्टी सीएम चौधरी ने कहा कि बिहार के 20 जिलों में बाढ़ के कारण जान-माल, मवेशियों, मकान और संपत्ति की रक्षा करना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अपने पदाधिकारियों और अभियंताओं के सहयोग से बाढ़ के संभावित खतरे पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई है, लेकिन फिर भी लोग बाढ़ के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
नए बैराज से बाढ़ समस्या का समाधान
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि कोसी पर नए बैराज के निर्माण से न केवल बाढ़ की समस्या का स्थायी और विश्वसनीय समाधान होगा, बल्कि इसके अन्य लाभ भी होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से विद्युत उत्पादन, मत्स्य पालन, सिंचाई और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।