एनएच 30ए पर घुसा बाढ़ का पानी।
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पटना में गंगा नदी उफान पर है। कई जगहों पर लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ के पानी के कारण पटना जिले के मनेर, दानापुर, फतुहा, बख्तियारपुर और दनियावां में असर दिखने लगा है। गंगा नदी के पानी में लगातार बढ़ोतरी के बाद लोगों के घरों और सड़कों पर बाढ़ का पानी आ चुका है। दनियावां नगर, नौसा, बख्तियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 ए पर गंगा नदी का बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिसके कारण इस मार्ग पर पूरी तरह से जलभराव हो गया है, जिससे गाड़ियों के परिचालन में काफी समस्या आ रही है।
दियारा के गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है
इधर, गंगा नदी के जलस्तर के खतरे की ओर बढ़ने के साथ ही दियारा के गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। बाढ़ के पानी के कारण दियारा में कई सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मनेर क्षेत्र के हल्दी छपरा, धजव टोला, इस्लामगंज, छिहत्तर, महावीर टोला, दुधेला और मुंजी टोला गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस चुका है। मनेर के छिहत्तर, महावीर टोला, इस्लामगंज और नगर परिषद के अदलचक गांव का संपर्क मुख्य सड़क से टूट चुका है।
गंगा और सोन नदी में जलस्तर वृद्धि से कई गांव प्रभावित
एनएच 30 ए पर बाढ़ का पानी सड़क पर आ चुका है
इसके अतिरिक्त, दानापुर क्षेत्र के निचले इलाके जैसे पानापुर, हेतनपुर, अकिलपुर और नकटा सहित अन्य गांव पूरी तरह से चारों ओर से पानी से घिर चुके हैं। इस स्थिति के कारण दियारा के लोगों के लिए अब नाव ही सहारा बन चुकी है, जबकि लोग जान को जोखिम में डालकर ओवरलोड नाव के सहारे आने-जाने पर मजबूर हैं। इधर, दनियावां के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 30 ए पर बाढ़ का पानी सड़क पर आ चुका है, जिससे नालंदा के नगर नौसा और पटना के बख्तियारपुर मार्ग पर गाड़ियों के आवागमन में काफी कठिनाइयां हो रही हैं। चालक और यात्री जैसे-तैसे आने-जाने के लिए मजबूर हो चुके हैं। हालांकि, अब तक पटना के ग्रामीण क्षेत्रों में आए बाढ़ के पानी के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए 78 स्कूल बंद कर दिए गए
वहीं पटना जिले के दियारा इलाके में बाढ़ के खतरे को देखते हुए 78 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। वहीं जिला प्रशासन के अनुसार, दीघा में गंगा पांच सेमी, गांधीघाट पर 57 सेमी, हाथीदह में 29 सेमी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बिंद टोली में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ले लिया है।