फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: अब सरकारी दफ्तरों में दौड़ेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, डीजल-पेट्रोल गाड़ियों को हटाने की तैयारी

Fri, 15 May 2026 10:39 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार सरकार ने सरकारी विभागों में डीजल-पेट्रोल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। पहले चरण में दो से तीन हजार ईवी वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकारी परिसरों और पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जाएंगे।

विज्ञापन
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार सरकार ने राज्य में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब विभिन्न सरकारी विभागों में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की जगह चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग किया जाएगा। इस पहल को बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के तहत लागू किया जा रहा है।
विज्ञापन


इसी को लेकर शुक्रवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, वाहन निर्माता कंपनियों और पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

ईवी के उपयोग को तेजी से बढ़ाने के लिए चर्चा की गई
बैठक में टाटा मोटर्स, एमजी मोटर, हुंडई , मारुति सुजुकी और टीवीएस जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा परिवहन सचिव राज कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के दौरान बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को तेजी से बढ़ाने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई।
विज्ञापन


सरकारी विभागों में बढ़ेगा ईवी का इस्तेमाल
सरकार ने फैसला लिया है कि वर्तमान में सरकारी विभागों में भाड़े पर संचालित डीजल और पेट्रोल वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा। इससे न केवल ईंधन की खपत कम होगी, बल्कि सरकारी खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

दो निगम होंगे नोडल एजेंसी
सरकार ने बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को इस योजना के लिए नोडल एजेंसी बनाने का निर्णय लिया है। दोनों संस्थाएं एग्रीगेटर के रूप में काम करेंगी और वाहन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर विभागों को आवश्यकता के अनुसार ईवी वाहन उपलब्ध कराएंगी।

भाड़े पर दिए जाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन
वाहन निर्माता कंपनियां सरकारी विभागों को भाड़े पर इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराएंगी। इससे बड़े पैमाने पर ईवी वाहनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी।

मजबूत और लंबी दूरी वाले ईवी विकसित करने का निर्देश
बैठक में वाहन कंपनियों को निर्देश दिया गया कि बोलेरो, स्कॉर्पियो-एन और आर्टिगा जैसी श्रेणी के मजबूत, सुरक्षित और लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन विकसित किए जाएं, ताकि सरकारी उपयोग के लिए व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।

ये भी पढ़ें-  Bihar News: लापता ‘बहादुर’ की बेरहमी से हत्या, चेहरे को पत्थरों से बुरी तरह कुचला; कांप उठे देखने वाले

पहले चरण में आएंगे दो से तीन हजार ईवी वाहन
राज्य सरकार ने पहले चरण में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए 2 से 3 हजार इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इससे बिहार में ईवी आधारित सरकारी परिवहन व्यवस्था को तेजी से विस्तार मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन


सरकारी परिसरों और पेट्रोल पंपों पर लगेंगे चार्जर
विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। साथ ही सभी पेट्रोलियम कंपनियों को अपने पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य रूप से ईवी चार्जर लगाने को कहा गया है, ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ ईंधन खर्च में भी बड़ी कमी आएगी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें