Bihar : बिहार की राजनीति के केंद्रबिंदु और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अब एक नई भूमिका और नए तेवर में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद, अब वह अपनी पूरी ऊर्जा पार्टी संगठन को धार देने में झोंक रहे हैं।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार आज अचानक जदयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी दिया कि आगामी चुनौतियों के लिए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार को जैसे ही नीतीश कुमार का काफिला वीर चंद पटेल पथ स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। उनलोगों ने नीतीश कुमार का भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने के कई निर्देश दिए।
कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
नीतीश कुमार ने कार्यालय में प्रवेश करते ही सबसे पहले परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। फिर उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं को देखा। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कार्यालय के रख-रखाव और कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यालय केवल नेताओं के बैठने की जगह नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान का केंद्र होना चाहिए।
कार्यकर्ता जमीन पर उतरें
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता की जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद नीतीश कुमार का पूरा ध्यान अब जदयू को राज्य की सबसे प्रभावी ताकत बनाने पर है। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को आगामी चुनावों और सांगठनिक फेरबदल की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी का हर एक कार्यकर्ता मेरी ताकत है। हमारा लक्ष्य संगठन को इतना मजबूत बनाना है कि हर बूथ पर जदयू की गूंज सुनाई दे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जमीन पर उतरें।