एक अगस्त को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित कर दिया है। बताया जा रहा है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद करीब 65 लाख के वोटरों का नाम हटाए गए। जिनके नाम नए मतदाता सूची का प्रारूप में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग आज यानी दो अगस्त से हर जिले में विशेष कैंप लगवा रहा है। अगर किसी वोटर का नाम छूट गया है या मृत वोटर का नाम जुड़ गया है तो दावा / आपत्ति के जरिए उसे सुधारने का समय है। चुनाव आयोग ने कहा कि अगर किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची प्रारूप में नहीं मिल रहा तो वह अपने आसपास लग रहे कैम्प में जाकर दावा / आपत्ति कर सकते हैं। मतदाता प्रारूप में आपका नाम है या नहीं, यह देखने के लिए आप वेब ब्राउज़र में यह कॉपी पेस्ट करें- https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने क्या कहा जानिए
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची की डिजिटल और भौतिक प्रतियां प्रदान की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), बिहार तथा राज्य के सभी 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) किसी भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल से एक सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेंगे।