फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Election: मतदाता सूची प्रारूप में आपका नाम नहीं है तो ऐसे जुड़वाएं; आज से यहां होगा समाधान

Sat, 02 Aug 2025 12:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची प्रारूप में जिनका नाम छूट गया है तो वह कैंप में जाकर अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं। जो पात्र मतदाता जो सूची में शामिल नहीं हो सका हो, वह अपना नाम जोड़ने, किसी अयोग्य नाम को हटाने या किसी प्रविष्टि में सुधार हेतु आवेदन कर सकता है।
विज्ञापन
बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (फाइल) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक अगस्त को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित कर दिया है। बताया जा रहा है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद करीब 65 लाख के वोटरों का नाम हटाए गए। जिनके नाम नए मतदाता सूची का प्रारूप में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग आज यानी दो अगस्त से हर जिले में विशेष कैंप लगवा रहा है। अगर किसी वोटर का नाम छूट गया है या मृत वोटर का नाम जुड़ गया है तो दावा / आपत्ति के जरिए उसे सुधारने का समय है। चुनाव आयोग ने कहा कि अगर किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची प्रारूप में नहीं मिल रहा तो वह अपने आसपास लग रहे कैम्प में जाकर दावा / आपत्ति कर सकते हैं। मतदाता प्रारूप में आपका नाम है या नहीं, यह देखने के लिए आप वेब ब्राउज़र में यह कॉपी पेस्ट करें- https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04

विज्ञापन


दो अगस्त से कहां कर सकेंगे दावा / आपत्ति?
चुनाव आयोग के अनुसार, आप अपने आसपास प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय या शहरी निकाय कार्यालय (जैसे- कार्यपालक पदाधिकारी का कार्यालय, नगर पंचायत, नगर परिषद् एवं नगर निगम अंचल कार्यालय) का पता लगाकर रख सकते हैं। यहीं शनिवार सुबह से निर्वाचन आयोग का कैम्प लगेगा। यह कैम्प सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यरत रहेंगे। दो अगस्त से एक सितंबर तक यह कैम्प बगैर किसी छुट्टी के चलेंगे, मतलब रविवार को भी खुलेंगे और किसी पर्व-त्योहार के नाम पर भी बंद नहीं होंगे। जिनका वोटर लिस्ट में नाम गायब दिखे, वह यहां दावा या आपत्ति कर सकते हैं। जिले में कहीं के वोटर किसी भी ऐसे कैम्प में दावा या आपत्ति कर सकते हैं। इसके अलावा, जो अबतक वोटर नहीं बने थे या जो अब बालिग हो रहे हैं, वह मतदाता सूची में शामिल होने के लिए फॉर्म छह भी यहीं आकर भर सकते हैं।


मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने क्या कहा जानिए
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची की डिजिटल और भौतिक प्रतियां प्रदान की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), बिहार तथा राज्य के सभी 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) किसी भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल से एक सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेंगे।

विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता प्रारूप प्रकाशित
विज्ञापन


जानिए, किन जिलों से कितने वोटरों का नाम हटा है
मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद जो वोटर लिस्ट प्रकाशित किए गए हैं, उनमें सभी जिलों के हजारों लोगों के नाम कट गए हैं। इनमें पश्चिम चम्पारण से 191376, पूर्वी चम्पारण से 316793, शिवहर से 28166, सीतामढ़ी से 244962, मधुबनी से 352545, सुपौल से 128207, अररिया से 158072, किशनगंज से 145668, पूर्णिया से 273920, कटिहार से 184254, मधेपुरा से 98076, सहरसा से 131596, दरभंगा से 203315, मुजफ्फरपुर से 282845, गोपालगंज से 310363, सीवान से 221711, सारण से 273223, वैशाली से 225953, समस्तीपुर से 283955, बेगूसराय से 167756, खगड़िया से 79551, भागलपुर से 244612, बांका से 117346, मुंगेर से 74916, लखीसराय से 48824, शेखपुरा से 26256, नालंदा से 138505, पटना से 395500, भोजपुर से 190832, बक्सर से 87645, कैमूर (भभुआ) से 73940, रोहतास से 156148, अरवल से 30180, जहानाबाद से 53089, औरंगाबाद से 159980, गया से 245663, नवादा से 126450 और जमुई से 91882 मतदाताओं का नाम सूची प्रारूप में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें