बिहार चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका दिया है। राजद विधायक संगीता कुमारी, भरत बिंद, चेतन आनंद के बाद अब दो और विधायकों ने भी अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को सौंप दिया है। नवादा से विधायक विभा देवी और रजौली (सुरक्षित) से विधायक प्रकाश वीर ने अपना इस्तीफा दिया है। लोकसभा चुनाव के बाद से यह लोग राजद के शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे थे। इन दोनों विधायकों की मौजूदगी ने तब और भी ज्यादा सियासी सरगर्मी बढ़ा दी, जब वह गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के मंच पर दिखाई दिए। मंच साझा करने के साथ ही इन दोनों नेताओं के राजद से नाता तोड़ने की अटकलों पर मुहर लग गई थी।
2015 में पहली बार विधायक बने थे प्रकाश वीर
वहीं रजौली के विधायक प्रकाश वीर, जो दलित समुदाय से आते हैं। वह 2015 में पहली बार विधायक बने थे और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय रहे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में उनके खिलाफ असंतोष बढ़ता गया। अगस्त में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें RJD कार्यकर्ता 'ओ तेजस्वी भैया... प्रकाश वीर को हटाना होगा' के नारे लगा रहे थे। उसी समय से उनके BJP में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गई थीं।
2020 के चुनाव में दोनों ने एनडीए को चुनाव हराया था
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में नवादा सीट से राजद की विभा देवी ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को हराकर यह सीट अपने नाम की थी। वहीं रजौली (सुरक्षित) सीट से भी राजद के ही प्रकाश वीर ने जीत हासिल की थी। दोनों सीटों पर राजद को मजबूत दलित-पिछड़ा और अल्पसंख्यक समर्थन मिला था, जिससे एनडीए को कड़ी टक्कर मिली। इन दोनों सीटों पर राजद की जीत ने मगध क्षेत्र में पार्टी की स्थिति मजबूत की थी।