RJD Candidate List: राजद से बगवात कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरीं रितु जायसवाल ने कहा कि मैंने परिहार की जनता के लिए चुनाव लड़ने का फैसला लिया। अब मैं जनता की पार्टी से ही चुनाव लड़ रही हूं। मैं अब परिहार की जनता के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुकी हूं।
महागठबंधन में कई नेता टिकट नहीं मिलने से नाराज हो गए। कई बागी हो गए और निर्दलीय अपना नामांकन भर दिया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चित हैं परिहार से निर्दलीय नामांकन दाखिल रहने वालीं रितु जायसवाल। इसबार उनका टिकट काट दिया गया। उनकी जगह डॉ. स्मिता पूर्वे को टिकट दिया गया है। इसके बाद भी रितु जायसवाल ने राजद आलाकमान से स्मिता पूर्वे को कहीं और से टिकट देकर खुद के लिए टिकट देने की गुहार लगाई लेकिन राजद ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय नामांकन कर दिया।
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जनसभा को संबोधित करने के दौरान मंच पर रितु जायसवाल भावुक हो गईं। वह फूट-फूटकर रोनी लगीं। उन्होंने कहा कि मैं परिहार की जनता के बिना नहीं रह पाऊंगी। मेरे लोग भी मेरे बिना नहीं रह पाएंगे। मैंने 10 साल परिहार को जिया है। जब बाढ़ आया था तब मैं अपने पंचायत की मुखिया थी। लेकिन, तब यहां के लोगों की मदद करने कोई नहीं आया। न जीते हुए विधायक आए और न जो हार कर गए थे रामचंद्र पूर्वे, वह आए। इस बार मेरा टिकट फाइनल था। तेजस्वी यादव ने परिहार से मेरा नाम फाइनल किया था, लेकिन दलालों के आगे उन्हें झुकना पड़ा है। राजद ने मुझे बेलसंड से टिकट ऑफर किया। लेकिन, मैंने मना दिया।
जिसने गद्दारी की, उसे ही दिया टिकट
रितु जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में मैं परिहार से राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में थी। लेकिन, जिस परिवार ने राजद के साथ गद्दारी की, अंतत: उसे ही टिकट दिया गया। अगर पार्टी ने परिहार से किसी अन्य जमीनी कार्यकर्ता को टिकट दिया होता, तो मैं पीछे हट जाती और उनका समर्थन करती। लेकिन, जिन्हें टिकट दिया गया, उनका कोई आधार ही नहीं है। रितु जायसवाल ने आरोप लगाया कि कहा कि करोड़ों रुपये में परिहार सीट बेची गई है।
1549 से वोट से हार गईं रितु जायसवाल
बता दें कि रितु जायसवाल पहली बार सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया निर्वाचित हुई थीं। मुखिया के रूप में उनके अच्छे कामों के उन्हें कई पुरस्कार मिले। इसके बाद राजद ने 2020 के चुनाव में उन्हें परिहार से चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन, महज 1549 वह हार गईं। इसके बाद राजद ने शिवहर से उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उतारा। लेकिन, इसमें उन्हें जदयू प्रत्याशी लवली आनंद से हार मिली। इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रितु जायसवाल चुनावी मैदान उतरी हैं। उनका मुकाबला भाजपा की निवर्तमान विधायक गायत्री देवी और राजद प्रत्याशी स्मिता पूर्वे से है।