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Shahnawaz Hussain: 'मुसलमान रिझने वाली कौम नहीं, औवेसी भड़काऊ भाईजान हैं', खास बातचीत में बोले शाहनवाज हुसैन

Mon, 10 Nov 2025 02:43 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Shahnawaz Hussain Exclusive: भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन से अमर उजाला ने खास बातचीत की। इस दौरान उनसे, औवेसी, जनसुराज, नीतीश कुमार, मुसलमान और भी बहुत सी चीजों को लेकर सवाल पूछे गए। पढ़ें पूरा इंटरव्यू
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शाहनवाज हुसैन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सवाल: विधानसभा चुनाव का प्रचार थम चुका है। बिहार में क्या माहौल लग रहा है? अभी प्रचार में लंबा घूमे हैं, कितनी सीटें आप जीतने वाले हैं इस बार?
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जवाब: आज बहुत दिनों बाद पहला दिन है जब हम घर पर रिलैक्स में होकर सुपौल में बैठे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि इस चुनाव में हमारी सरकार बनने जा रही है। पहले चरण में हमने सेंचुरी करीब-करीब मार ली है, मतलब 90 से तो ऊपर ही हैं। और जो दूसरा चरण है, यह तो हमारा ही फेज माना जाता है। पिछली बार सीमांचल और शाहाबाद में हमारा परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं था। कोसी में तो पिछली बार अच्छा ही था, एक सीट सिर्फ हमारी गई थी, राजद के चौपाल जीत गए थे, लेकिन बाकी सब सीटों पर हम जीते थे। इस बार भी माहौल अच्छा है, डेवलपमेंट के नाम पर वोट है, कोई दिक्कत नजर नहीं आ रही है।

सवाल: पिछली बार अगर बात करें तो कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल का जो इलाका है, यह पूरे तौर पर एनडीए के साथ दिखा था। इस बार क्या लग रहा है कि सीटें बढ़ेंगी या मेंटेन रहेंगी?
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जवाब: पिछली बार भी तो हम सारी सीटें जीत ही गए थे, कुछ एक-दो सीट रह गई थी। इस बार खाता भी नहीं खोलने देंगे विरोधियों को, सारी सीटें जीतेंगे।

सवाल: एआईएमआईएम और जनसुराज की मौजूदगी को आप कैसे देख रहे हैं?

जवाब: तेलंगाना में भी वो अपना चुनाव नहीं जीतते, यह भड़काऊ भाईजान हैं, इस बार कौन पूछ रहा है इन्हें। जनसुराज हो या जनशक्ति दल, सबको शुभकामनाएं कि अपना-अपना चुनाव लड़ें, लेकिन रिजल्ट अभी नहीं आएगा उनका।

सवाल: भाजपा ने इस बार किसी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया, जबकि जनसुराज मुसलमानों को रिझाने का प्रयास कर रही है। इस पर क्या कहेंगे?

जवाब: मुसलमान रिझने वाली कौम नहीं है, आसानी से रिझती भी नहीं। हम लोग इतने साल से काम कर रहे हैं, अनाज दे रहे हैं, बिजली दे रहे हैं, पेंशन दे रहे हैं फिर भी मुश्किल होता है। जो लोग हमारी पार्टी को 2014 में जिताने की स्ट्रेटजी बनाते थे, उन पर कौन यकीन करेगा? 

पढ़ें: दूसरे चरण में एनडीए के 122, महागठबंधन के 126 प्रत्याशी चुनावी मैदान; इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
 
सवाल: लेकिन वो तो आपकी पार्टी के लिए पहले रणनीति बनाते थे, तो क्या वो आपकी प्लानिंग को जानते नहीं होंगे?

जवाब: वो जब 2014 में आए थे, तब स्ट्रेटजी बनाई थी, और उसके बाद जहां-जहां हम जीते, वहां भी स्ट्रेटजी वही बनाते थे। तब भी हम जीते। स्ट्रेटजी बनाना अलग चीज होती है, लेकिन विश्वास अलग चीज है। इसलिए उन पर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है।

सवाल: आप एक बड़े अल्पसंख्यक का चेहरा हैं। धारा 370 और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर मुस्लिम समाज की प्रतिक्रिया क्या दिख रही है?

जवाब: धारा 370 से बिहार के मुसलमानों को तो फायदा ही हुआ है। अगर किसी को श्रीनगर में मकान लेना हो, तो जाकर ले सकते हैं, पहले नहीं ले सकते थे। अब तो जमीन भी खरीद सकते हैं। ट्रिपल तलाक तो मुस्लिम देशों में भी मना है, तो यहां कौन तीन तलाक देगा?

सवाल: तो मुस्लिम महिलाएं साथ आएंगी इस बार?

जवाब: मुस्लिम महिला और पुरुष अलग-अलग वोट नहीं करते हैं। यहां हिंदू महिला वोट करती है, तो अपने पति के विरोध में थोड़ी वोट करती है। परिवार में जो निर्णय होता है, वही लागू होता है। यह परसेप्शन बनाया जाता है कि मुस्लिम महिला अलग वोट करती है, लेकिन परिवार का वोट एक होता है।
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सवाल: भाजपा लगातार कह रही है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। क्या भाजपा के पास कोई अपना चेहरा नहीं है?

जवाब: भाजपा गठबंधन धर्म निभाती है। इतना अच्छा मुख्यमंत्री, जिसे 20 साल का अनुभव है, उसे क्यों खोना चाहेगा बिहार?

सवाल: विपक्ष नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल उठा रहा है।

जवाब: विपक्ष के नेता नीतीश जी के सामने फिट हैं क्या? तेजस्वी यादव से तो नीतीश कुमार ज्यादा फिट हैं। तेजस्वी तो इतना खाते हैं और सोए रहते हैं।

सवाल: अगर भविष्य की बात करें, तो क्या भाजपा में कोई ऐसा चेहरा है जो आगे चलकर सीएम का दावेदार हो सकता है?

जवाब: भाजपा में कोई सीएम का दावेदार नहीं होता, सब कार्यकर्ता होते हैं। कई राज्यों में मुख्यमंत्री बने, चाहे वो मोहन यादव हो, भजनलाल शर्मा हो, छत्तीसगढ़ के सीएम हो तो क्या वो पहले से दावेदार थे? भाजपा में एक नेता, एक नारा और एक नाम है नरेंद्र मोदी। बाकी सब कार्यकर्ता हैं, और सबमें क्षमता है।

सवाल: बिहार सरकार में आप मंत्री रहे हैं, आपकी उपलब्धियों का भी जिक्र होता है। आप वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं, आपकी क्या संभवाना है पार्टी में आगे?

जवाब: मेरी संभावना कार्यकर्ता की है। मैं कार्यकर्ता था, हूं और रहूंगा। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा। अभी स्टार प्रचारक बनाया गया है, तो घूम रहे हैं। आज बस सुपौल में हैं, अपने जिले में रिलैक्स कर रहे हैं।

सवाल: आखिर में बताइए, एनडीए कितनी सीटों पर जीत दर्ज करेगा?

जवाब: कम से कम 160 से लेकर 190 सीटों तक हम जाएंगे, ऐसा लग रहा है। माहौल एकदम एकतरफा है, जहां-जहां प्रचार में गए हैं, ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा।

सवाल: विपक्ष अनंत सिंह को लेकर भी सवाल उठा रहा है कि जिन पर केस चल रहा है, उन्हें टिकट क्यों दिया गया?

जवाब: कानून का राज है। उन पर एफआईआर हुआ तो जेल में हैं, ट्रायल होगा तो पता चलेगा कि उनका क्या रोल था। अगर ट्रायल में कुछ आता है, तो कार्रवाई होगी। अभी तो सजा नहीं हुई है।

इनपुट: केशव कुमार, सुपौल
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